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सफाई का ढोंग: करोड़ों खर्च, फिर भी शौचालयों पर लटके ताले; खुले में शौच को मजबूर लोग

भिवानी। शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित है। टेंडर देने के बावजूद सार्वजनिक शौचालयों के गेट पर ताले लगे हुए हैं। मजबूरी में लोग शौचालयों के गेट पर ही लघुशंका कर रहे हैं जिससे बदबू फैल रही है और शहर में गंदगी का वातावरण बन गया है। फिलहाल स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए डाटा अपलोड करने का कार्य चल रहा है लेकिन इस हालात में शहर की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार की संभावना न्यूनतम है।

पिछले कई दिनों से सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था को सुधारने के लिए नगर परिषद ने एक सप्ताह पहले ही ठेकेदार को शौचालयों का टेंडर जारी किया था। ठेकेदार को आदेश दिया गया कि शहर के सभी शौचालयों पर सफाई कर्मचारी तैनात किए जाएं और अगर सफाई में कोई गड़बड़ी पाई गई तो ठेकेदार पर जुर्माना लगाया जाएगा और उसे ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। इसके बाद ठेकेदार ने कारिंदों की नियुक्ति भी कर दी थी। इससे शहरवासियों को उम्मीद थी कि शौचालय खुलने पर सफाई व्यवस्था सुधरेगी और शहर की रैंकिंग में सुधार होगा।

लेकिन एक सप्ताह में ही आदेश धरे के धरे रह गए। अधिकांश शौचालय न खुलने के कारण लोग मजबूरी में गेट पर ही लघुशंका करने लगे हैं। वहीं जहां शौचालय खुले हैं वहां कोई कारिंदा न होने से अंदर गंदगी फैली हुई है। नगर निकाय द्वारा जारी स्वच्छता सर्वेक्षण टूलकिट में शौचालयों के लिए 1,000 अंक निर्धारित हैं। शौचालय खुलने और साफ न होने पर ओडीएफ रैंकिंग भी प्रभावित होगी।

शहर के सार्वजनिक शौचालयों में स्थापित हैं 200 सीटें

शहर के सार्वजनिक शौचालयों में लगभग 200 सीटें स्थापित हैं। रोजाना सफाई के लिए ठेकेदार को ठेका दिया गया है। प्रत्येक शौचालय पर दिन में दो बार सफाई के लिए एक कर्मचारी की तैनाती और सफाई निरीक्षण के लिए कमेटी गठित की गई है। लेकिन वास्तविकता इन दावों से कोसों दूर है। सीटों की सफाई न होने के कारण फैली बदबू से लोगों का शौचालयों में जाना भी मुश्किल हो गया है।

डीलक्स शौचालय पर नहीं है कोई कर्मचारी

नगर परिषद ने शहर में डीलक्स शौचालय बनवाए हैं जिनमें कृष्णा कॉलोनी, हांसी गेट और घंटाघर प्रमुख हैं। इन शौचालयों में पानी की टंकी, वॉशबेसिन, इन्वर्टर, बैटरी, शीशे और हाथ सुखाने की मशीनें लगी हैं। लेकिन कोई कारिंदा न होने के कारण न केवल सफाई प्रभावित हो रही है बल्कि सामान चोरी का भी खतरा बना हुआ है।

कुछ शौचालय कार्य पूरा न होने के कारण बंद पड़े हैं जिन्हें जल्द ही आमजन के लिए खोल दिया जाएगा। खोले गए शौचालयों में ठेकेदार को सफाई करने के लिए कारिंदों की नियुक्ति करने के आदेश दिए गए हैं। जहां कोई समस्या है उसका समाधान जल्द ही करवा दिया जाएगा।

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