दशकभर से लंबित उपभोक्ता अदालत का मामला, जिला न्यायालय जाने का रास्ता अब भी बंद

भिवानी। एमसी कॉलोनी के समीप स्थित उपभोक्ता अदालत का जिला न्यायालय परिसर में स्थानांतरण पिछले दस साल से लंबित है। अधिवक्ताओं का कहना है कि उपभोक्ता अदालत के केसों की पैरवी के लिए जिला न्यायालय से पांच किलोमीटर तक का सफर करना पड़ता है जिससे दिनभर अन्य मामलों की पैरवी करना मुश्किल हो जाता है। इस वजह से कई बार उपभोक्ताओं को अपने मामलों में वकील भी नहीं मिल पाते। जिला बार एसोसिएशन ने भिवानी तहसील कार्यालय के समीप उपभोक्ता अदालत का कैंप ऑफिस स्थापित करने की मांग उठाई है ताकि सप्ताह में दो दिन यहां सुनवाई हो सके और अधिवक्ताओं तथा उपभोक्ताओं को सुविधा मिले।
अधिवक्ताओं का कहना है कि जिला न्यायालय से उपभोक्ता अदालत तक कोई सीधा मार्ग नहीं है। यहां तक पहुंचने के लिए निजी वाहन से भी तोशाम रेलवे ओवरब्रिज पार करना पड़ता है जबकि टैक्सी या अन्य वाहन उपलब्ध नहीं हैं। उपभोक्ताओं को भी जिला न्यायालय से उपभोक्ता फोरम तक पहुंचने में कठिनाई होती है।
लघु सचिवालय परिसर में भिवानी तहसील कार्यालय के समीप कुछ कमरों को उपभोक्ता अदालत के कैंप ऑफिस के लिए खाली कराए जाने का प्रशासन से अनुरोध किया गया है। यदि कैंप ऑफिस यहां स्थापित होता है तो अधिवक्ताओं और उपभोक्ताओं को काफी राहत मिलेगी। सप्ताह में दो दिन कैंप ऑफिस में केसों की सुनवाई होने से अधिवक्ता आसानी से इन मामलों में पैरवी कर सकेंगे। इससे पहले भी बड़े स्तर पर उपभोक्ता अदालत को स्थायी रूप से स्थानांतरित कराने के संबंध में संघर्ष किया गया है।




