स्वच्छ शहरों की रेस में शामिल होने की होड़, लेकिन धरातल पर अधूरे हैं प्रोजेक्ट्स: कैसे मिलेगी रैंकिंग?

भिवानी। देश के स्वच्छ शहरों की दौड़ में भिवानी को शामिल करने की होड़ चल रही है, लेकिन करोड़ों का बजट खर्च के बावजूद कहीं शहर स्वच्छता में पिछड़ न जाए। यह हम नहीं बल्कि स्वच्छता रैंकिंग पाने के लिए तय किए गए मानकों के हिसाब से अभी कार्य पूरे नहीं हैं। शहर में बिना सफाई टेंडर के जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर व शहर के मुख्य चौक-चौराहों के अधूरे पड़े सुंदरीकरण के काम शहर की स्वच्छता रैंकिंग को प्रभावित करेंगे। स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए शहर की सुंदरता के फोटो जियो टैगिंग के साथ निकाय विभाग के पोर्टल पर एक फरवरी तक अपलोड करने अनिवार्य है। 2024 में स्वच्छता सर्वेक्षण में राष्ट्रीय स्तर पर भिवानी को 258वां रैंक मिला था।
ऐसे में शहर के हांसी गेट, रोहतक गेट, तोशाम बाईपास चौक व बापोड़ा चौक का सुंदरीकरण कार्य अधूरा पड़ा है। नगर परिषद ने चौकों के सुंदरीकरण के कार्य को पूरा करने का टेंडर आरंभ में अक्तूबर माह तक दिया था। लेकिन ग्रेप के चलते कार्य पूरा न होने के बाद इस कार्य की डेडलाइन को दिसंबर तक बढ़ा दिया था। लेकिन दिसंबर के बाद जनवरी माह बीत जाने के बाद भी चौकों का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। जिससे शहर की स्वच्छता रैंकिंग गड़बड़ा सकती है।
शहर में सफाई का टेंडर नहीं हो रहा
स्वच्छता रैंकिंग को ये कर सकते हैं प्रभावित
कूड़ा प्वाइंट बन चुके हैं सेल्फी प्वाइंट
ये है अब तक की स्वच्छता रैंकिंग
2020 166
2021 244
2022 241
2023 302
2024 258
नगर परिषद की ओर से भिवानी शहर को स्वच्छ और सुंदर शहर बनाने के भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। शहर के सभी चौक चौराहों व मुख्य मार्गों के सुंदरीकरण का काम चल रहा है। शहर के अंदर कूड़ा प्वाइंट सेल्फी प्वाइंट में तब्दील हो चुके हैं। नगर परिषद सभी वार्डों में डोर टू डोर कचरा उठान करा रहा है। स्वच्छता रैंकिंग में पानी और सीवर के अलावा कई तरह के मानक शामिल किए गए हैं। इसलिए हमारा शहरवासियों से अनुरोध है कि वे अपने शहर को स्वच्छ शहरों में शुमार कराने के लिए पूरा सहयोग करें।




