सीजेएम पवन कुमार ने अधिकारियों व प्रतिनिधियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

भिवानी, (ब्यूरो): जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के चेयरमैन एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश डी.आर. चालिया के निर्देशानुसार तथा सीजेएम-सह-सचिव पवन कुमार की अध्यक्षता में एडीआर सेंटर के सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक आगामी 13 सितम्बर को आयोजित होने वाली तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर बुलाई गई थी। बैठक में पीएलए सदस्य सुमन बजाड़, विभिन्न विभागों के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि, बीमा कंपनियों के अधिकारी, अधिवक्ता उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त पुलिस विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने भी भागीदारी निभाई। सीजेएम सह सचिव पवन कुमार ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि लोक अदालत का उद्देश्य लंबित एवं प्री-लिटिगेशन वादों का आपसी सहमति से समाधान कराना है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत न्याय व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जिसके माध्यम से जनता को त्वरित और सस्ता न्याय उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभागों से संबंधित अधिक से अधिक मामलों को लोक अदालत में भेजें, ताकि अधिकाधिक वादों का निपटारा संभव हो सके। बैठक में बैंक और बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों को विशेष रूप से यह कहा गया कि वे आपसी सहमति और समझौते के आधार पर मामलों का निपटारा करें।
पवन कुमार ने कहा कि यदि बैंक और बीमा कंपनियां पहल करेंगी तो बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण लोक अदालत के माध्यम से संभव होगा। इससे आमजन को राहत तो मिलेगी ही, साथ ही न्यायपालिका पर बोझ भी कम होगा। सीजेएम पवन कुमार ने भरोसा दिलाया कि लोक अदालत न केवल विवादों का समाधान करने का माध्यम है, बल्कि यह जनता के न्याय प्रणाली पर विश्वास को भी मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत से निस्तारित मामलों से आम नागरिकों को त्वरित और निष्पक्ष न्याय मिलता है, जिससे वे सीधे तौर पर लाभान्वित होते हैं। बैठक में मौजूद पीएलए सदस्य सुमन बजाड़, विभिन्न विभागों के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि, बीमा कंपनियों के अधिकारी, अधिवक्ताओ ने आगामी 13 सितम्बर को होने वाली लोक अदालत को सफल बनाने का आश्वासन दिया। सभी ने कहा कि अधिक से अधिक मामलों का निपटारा करके इसे जन-हितकारी और प्रभावी बनाने में पूरा सहयोग किया जाएगा।