हरियाणा

सीजेएम ने किया जिला कारागार का औचक निरीक्षण, कैदियों की समस्याएं सुनी

भिवानी (ब्यूरो): जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण भिवानी के चेयरमैन एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश देशराज चालिया के निर्देशानुसार प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) पवन कुमार ने बुधवार को भिवानी के स्थानीय जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सीजेएम पवन कुमार ने जेल परिसर में सुरक्षा व्यवस्थाओं, स्वच्छता, कैदियों की मूलभूत सुविधाओं और कानूनी सहायता क्लीनिक के संचालन की गहन समीक्षा की। उन्होंने जेल की सभी बैरकों का दौरा किया और वहां रह रहे कैदियों और विचाराधीन बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। कई बंदियों ने न्यायिक प्रक्रिया में हो रही देरी, वकीलों की उपलब्धता, और पारिवारिक मुलाकातों जैसी समस्याएं उनके समक्ष रखीं।
सीजेएम ने बंदियों को आश्वस्त किया कि हर व्यक्ति को न्याय पाने का संवैधानिक अधिकार है और जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कैदियों को बताया कि यदि किसी को नि:शुल्क कानूनी सहायता की आवश्यकता है तो वे जेल में स्थापित विधिक सहायता क्लीनिक के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
सीजेएम पवन कुमार ने जेल अस्पताल का भी निरीक्षण किया और वहां मौजूद चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मियों से कैदियों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सेवाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि किसी भी बंदी को चिकित्सा संबंधी कोई कठिनाई न हो और सभी को समय पर जांच एवं उपचार की सुविधा दी जाए।
इसके बाद उन्होंने जेल के रसोईघर का भी दौरा किया, जहां पर बंदियों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और पोषण मानकों की जांच की। उन्होंने भोजन के नमूने स्वयं देखकर यह सुनिश्चित किया कि निर्धारित मानकों के अनुसार ही खाना बनाया जा रहा है या नहीं। उन्होंने विशेष रूप से यह हिदायत दी कि भोजन तैयार करते समय स्वच्छता का पूर्ण ध्यान रखा जाए, ताकि कैदियों के स्वास्थ्य पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े। इस अवसर पर डीएलएसए व जेल स्टॉफ मौजूद रहा।

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