केंद्र सरकार का फैसला, झारखंड में कोल ब्लॉक रद्द—हरियाणा के लिए बड़ा झटका

चंडीगढ़ : केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने हरियाणा का झारखंड में कल्याणपुर-बदलापारा कोल ब्लॉक का आबंटन रद्द कर दिया है। केंद्रीय मंत्रालय ने इस संबंध में सरकार को नोटिस जारी किया था। हालांकि हरियाणा सरकार की ओर से नोटिस का जवाब भेजा गया है जिसमें कहा गया है कि कोल ब्लॉक को डेढ़ साल से हरियाणा पावर जैनरेशन कॉरिशन लिमिटेड विकसित कर रहा था। इस पर 2.5 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं और कोल ब्लॉक के डिमार्केशन व फैंसिंग का काम हो चुका है।
कोल ब्लॉक आबंटन रद्द होने से हरियाणा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। हरियाणा सरकार ने आबंटन रद्द न करने का केंद्र सरकार से आग्रह किया है। वहीं इस बारे हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज का कहना है कि केंद्रीय मंत्रालय से नोटिस आया था जिसका जवाब दे दिया गया है। हरियाणा सरकार कोल ब्लॉक को विकसित करने में लगी है और इस पर अभी तक करीब अढ़ाई करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। हरियाणा सरकार ने केंद्रीय मंत्रालय से आबंटन रद्द न करने का अनुरोध किया है।
आबंटन रद्द होने के यह कारण
आबंटन रद्द करने के 3 कारण बताए गए हैं। केंद्रीय कोयला मंत्रालय की एक विशेष सर्वे एजेंसी ब्लॉक का सर्वे करती है। इस सर्वे एजेंसी के आबंटन में देरी हुई तो हरियाणा सरकार भी देरी से प्रक्रिया शुरू कर पाई।
हरियाणा सरकार ने कोल ब्लॉक के लिए एजेंसी को कई पत्र भेजे लेकिन एजेंसी ने कभी भी समय पर जवाब नहीं दिया।
एक और अहम वजह यह है कि झारखंड में हरियाणा सरकार को जो कोल ब्लॉक का आवंटन किया गया था, वह नक्सल प्रभावित इलाका है। इस कारण सर्वे एजेंसी और सरकार को काम शुरू करने में परेशानी आई।
बिजली संयंत्रों के लिए कोयला सुरक्षित करने के लिहाज से अहम
झारखंड में कल्याणपुर-बदलापारा कोल ब्लॉक को हरियाणा के बिजली संयंत्रों के लिए कोयला सुरक्षित करने के लिहाज से विकसित किया जा रहा है। इस ब्लॉक के लिए माइन डिवैल्पर और ऑप्रेटर चुनने की प्रक्रिया भी चल रही थी जिसमें बोली लगाने के बाद कुछ कानूनी अड़चनें भी आई थीं। हालांकि हरियाणा इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए गंभीर प्रयास करता रहा। इसमें 18 साल लगे। हरियाणा सरकार को अपनी कोयला खदान दिलाने की प्रक्रिया साल 2024 में तेज हुई। कल्याणपुर-बदलापारा कोल ब्लॉक के लिए टेंडर निकला और बोली प्रक्रिया शुरू हुई। इस कोल ब्लॉक से लगभग 102.35 मिलियन टन कोयला भंडार का अनुमान है।
यमुनानगर थर्मल पावर प्लांट हो सकता है प्रभावित
दीनबंधु छोटू राम थर्मल पावर प्लांट यमुनानगर हरियाणा का एक अहम कोयला आधारित बिजली संयंत्र है। इसकी मौजूदा क्षमता 600 मैगावाट है। हाल ही में एक 800 मैगावाट की अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल यूनिट का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। इस प्लांट के लिए हरियाणा सरकार इस कोल ब्लॉक को तैयार कर रही थी। इस प्लांट को बनाने में 3 साल लगेंगे। कोल ब्लॉक को विकसित करने में भी इतना ही समय लगेगा। ऐसे में आबंटन रद्द होने से भारी परेशानी हो सकती है और कोयले की कमी से जूझना पड़ सकता है।




