बजट 2026 : मध्यम वर्ग और युवाओं के लिए बड़ी सौगात, दवाइयों से लेकर स्मार्टफोन तक होंगे सस्ते : चावला
भिवानी,(ब्यूरो): वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया बजट 2026-27 विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने वाला दिखाई दे रहा है। इस बजट में सरकार ने आम आदमी की जेब का ख्याल रखते हुए न केवल रोजमर्रा की वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी घटाई है, बल्कि स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी घोषणाएं की हैं। बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा जिला प्रवक्ता विनोद चावला ने इसे ऐतिहासिक और जन-हितैषी करार दिया। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री द्वारा पेश किया गया यह बजट सीधे तौर पर आम आदमी की रसोई और मध्यम वर्ग की बचत से जुड़ा है। कैंसर और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं को ड्यूटी फ्री करना मोदी सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। इससे लाखों परिवारों का आर्थिक बोझ कम होगा। चावला ने आगे कहा कि शक्षा के क्षेत्र में कंटेंट क्रिएटर लैब्स और औद्योगिक गलियारों के पास यूनिवर्सिटी टाउनशिप बनाने का निर्णय भारत के युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा। यह बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि 2047 के विकसित भारत की मजबूत नींव है। इस बजट की एक बड़ी विशेषता शिक्षा का आधुनिकीकरण है। जिसमें देश के 15 हजार स्कूलों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित की जाएंगी, ताकि छात्र डिजिटल युग के अनुरूप कौशल सीख सकें। इंडस्ट्री कॉरिडोर के पास 5 नई यूनिवर्सिटी टाउनशिप बनाई जाएंगी, जिससे पढ़ाई और रोजगार के बीच की दूरी कम होगी। लेदर और टेक्सटाइल एक्सपोर्ट को अब ड्यूटी फ्री करने का प्रस्ताव है, जिससे भारतीय व्यापारियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी। साथ ही, डिफेंस सेक्टर में बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट देकर आत्मनिर्भरता की ओर एक और कदम बढ़ाया गया है। उन्होंने बताया कि कैंसर और शुगर (डायबिटीज) की 17 जीवन रक्षक दवाएं अब ड्यूटी फ्री होंगी। स्मार्टफोन, टैबलेट, लिथियम आयन सेल और मोबाइल बैटरियों पर शुल्क घटने से ये उपकरण सस्ते होंगे।




