उफनती नदी, दरकते पहाड़, टूटी सड़कें और फंसे सैंकड़ों लोग… चमोली-रुद्रप्रयाग की तस्वीरों में दिखी तबाही

पहाड़ी राज्यों पर कुदरत का कहर जारी है. चटकती चट्टानें और दरकते पहाड़ों से तबाही मची हुई है. नदियां उफान हैं. उत्तराखंड के चमोली और रुद्रप्रयाग में एक बार फिर भारी बारिश के बाद बादल फटने की घटना सामने आई. इस घटना में कई परिवार के लोग मलबे में दब गए. इसके साथ ही कई जगह सड़कें ब्लॉक हो गईं और वाहन भी बह गए.

उत्तराखंड के चमोली के देवाल क्षेत्र में बादल फटने की वजह से कई परिवारों के मलबे में दबने की जानकारी है. ऐसे में यातायात भी प्रभावित हो गया. चमोली पुलिस ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए अवरुद्ध स्थानों की जानकारी देते हुए एक्स पर लिखा, “चमोली में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर अवरुद्ध हो गया है. इनमें नंदप्रयाग, कमेड़ा, भनेरपानी, पागलनाला, जिलासू के पास मार्ग शामिल हैं.”

रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार अंतर्गत बड़ेथ डुंगर तोक क्षेत्र में बादल फटने की घटना के चलते मलबा आने से कुछ क्षेत्रों में नुकसान की जानकारी मिली है. जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं. जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन आपदा कंट्रोल रूम से लगातार अधिकारियों से संपर्क बनाए हुए हैं.

प्रभावित क्षेत्रों में NH, PWD, PMGSY की अलग अलग टीम रास्ता खोलने के लिए जुटी हुई हैं. प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों को चिन्हित कर राहत और बचाव दल भेजे जा रहे हैं. रुद्रप्रयाग के स्यूर में एक मकान क्षतिग्रस्त होने और एक बोलेरो के बहने जानकारी मिली है. इसकी तस्वीर भी सामने आई है.

वहीं बड़ेथ, बगडधार, तालजामनी गांव के दोनों ओर गदेरे में पानी और मलबा आने की जानकारी है. किमाणा में खेती की जमीन और सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर और मलबा आ गया. अरखुण्ड में मछली तालाब और मुर्गी फार्म बह गया. छेनागाड़ के बाजार क्षेत्र में भी मलबा आने से वाहन बह गए. छेनागाड़ के डुंगर और बड़ेथ गांव से भी कुछ लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है.

जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. राहत और बचाव कार्यों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें जुटी हुई हैं. रुद्रप्रयाग पुलिस ने एक्स पर पोस्ट करते हुए जानकारी दी कि सिरोबगड़ से लगभग 800 मीटर आगे श्रीनगर की तरफ (गोवा ब्रिज नामक स्थान) पर अलकनंदा नदी का जल स्तर बढ़ने के कारण NH तक पानी आ गया है. ऐसे में सुरक्षा के मद्देनजर यहां पर वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया है.