झारखंड में बड़ा ड्रग्स रैकेट नाकाम: ट्रक में ऊपर भरे थे नारियल, नीचे छिपा था 2 करोड़ का गांजा; ऐसे धरे गए तस्कर

झारखंड में नशे के अवैध कारोबार को चलाने के लिए तस्कर लगातार नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं. ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला खूंटी जिले के मुरहू थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां गांजा तस्करी के लिए बेहद शातिराना तरकीब अपनाई गई. नशा तस्करों ने एक ट्रक में लगभग 20 बोरियों में भरकर करीब 450 किलोग्राम गांजा लोड किया था. इस खेप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब दो करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है.
तस्करों ने गांजे को सीधे ट्रक में नहीं रखा, बल्कि उसे छुपाने के लिए ऊपर से बड़ी मात्रा में डाभ (नारियल) लाद दिया, ताकि बाहर से देखने पर यह सामान्य नारियल से भरा ट्रक लगे और जांच एजेंसियों को शक न हो. बताया जा रहा है कि तस्कर अपनी इस योजना में सफल हो सकते थे, लेकिन मुरहू थाना क्षेत्र के कुंजला गांव के पास से गुजर रहे इस संदिग्ध ट्रक पर वन विभाग के कर्मियों की नजर पड़ गई. वाहन की गतिविधि संदिग्ध लगने पर वन विभाग की टीम ने तत्काल खूंटी पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिस ने जाल बिछाकर ट्रक को रोका और उसकी तलाशी शुरू की.
नारियल के नीचे छिपाया गया गांजा
शुरुआत में ट्रक के ऊपर सिर्फ नारियल दिखाई दिए, लेकिन पुलिस को शक होने पर जब नारियल हटवाए गए तो अंदर का नजारा देख पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए. नारियल के नीचे 20 बोरियों में छुपाकर रखा गया भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ. हालांकि कार्रवाई के दौरान ट्रक चालक समेत अन्य आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार होने में सफल रहे. पुलिस अब आरोपियों की तलाश के साथ-साथ इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और पूरे गिरोह का भंडाफोड़ करने में जुटी है.
इस घटना से पहले राजधानी रांची में भी नशा तस्करी का एक अनोखा तरीका सामने आया था. वहां तस्कर अफीम के डोडे की तस्करी आलू चिप्स के पैकेटों में छुपाकर कर रहे थे. झारखंड से राजस्थान, हरियाणा सहित कई राज्यों में इस तरह से नशीले पदार्थ की सप्लाई की जा रही थी.




