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हरियाणा के पत्रकारों के लिए बड़ी मांग: ₹30,000 पेंशन और 10 लाख का कैशलेस इलाज, CM सैनी को सौंपा मांग-पत्र

चंडीगढ़ :  मीडिया वैल बिंग एसोसिएशन का एक प्रतिनिधि मंडल शनिवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से उनके निवास संत कबीर कुटीर में मिला।लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हरियाणा के पत्रकार समुदाय के सामाजिक, आर्थिक एवं पेशेवर कल्याण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मीडिया वेलबीइंग एसोसिएशन (एमडब्ल्यूबीए) के अध्यक्ष चंद्रशेखर धरणी की अगुवाई में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को एक विस्तृत मांग-पत्र सौंपा गया।  चंद्रशेखर धरणी की अगवाई में पत्रकारों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को मांग पत्र थानेश्वर शर्मा,योगिंद्र शर्मा व पवन चोपड़ा ने सौंपा।

एम डब्ल्यू बी के अध्यक्ष चंद्र शेखर धरणी ने सी एम सैनी से  संस्था द्वारा पत्रकारों व उनके परिवारों की करवाई गई मुफ्त कैश लेस हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसीज लांचिंग करने के लिए शीघ्र समय देने की माग की।सी एम सैनी ने आश्वाशन दिया कि बहुत जल्दी इस कार्यक्रम के लिए समय दिया जायेगा।

चंद्रशेखर धरणी ने सीएम नायब सिंह सैनी को बताया कि  मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन ने भारत के इतिहास में नया अध्याय बनाया है। पत्रकारों का सपरिवार  कैशलैस इंश्योरेंस करवाया है। धरणी ने बताया कि भारत के इतिहास में पहला पत्रकार संगठन है जो किसी भी सदस्य से किसी भी तरह का शुल्क लिए बिना इंश्योरेंस दे रहा है। भारत मे पत्रकारों को कैशलैस इंश्योरेंस देने वाला पहला पत्रकार संगठन  मीडिया वेलबिंग संगठन बना है। इससे पहले एम डब्ल्यू बी द्वारा पत्रकारों को टर्म इंश्योरेंस व एक्सिडेंटियल इंश्योरेंस की मुफ्त में सुविधा दी जा रही है।

बीमार,अस्वस्थ,क्रिटिकल इलनेस के स्थिति में पत्रकारों व इनके परिवारों को आर्थिक मदद भी एम डब्ल्यू बी देती है। तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल जो अब केंद्रीय मंत्री है,  अतीत में पहले टर्म इंश्योरेंस पॉलिसीज की थी तीन वर्ष पूर्व लांचिंग कर चुके हैं।ऊर्जा मंत्री अनिल विज 4 साल पहले कर चुके हैं मुफ्त एक्सीडेंटाइल पॉलिसी की लॉन्चिंग कर चुके हैं । पत्रकारों की यह मुफ्त में की जाने वाली सभी पॉलिसीज लगातार हर वर्ष रिन्यूअल के बाद यथावत जारी है।

एम डब्ल्यू बी के प्रतिनिधि मंडल में प्रस्तुत मांग पत्र में पत्रकारों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को सिलसिलेवार रखा गया , जिसमें पेंशन सुधार से लेकर शिक्षा-रोजगार आरक्षण तक की महत्वपूर्ण बातें शामिल हैं। धरणी ने कहा पत्रकार निष्पक्ष व निर्भीक पत्रकारिता के माध्यम से जन-जन की आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाते हुए समाज व सरकार के मध्य मजबूत सेतु का कार्य निभाते हैं, इसलिए उनके संरक्षण हेतु ठोस कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है। इससे पूर्व तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मुख्यमंत्री निवास संत कबीर कुटीर पर एमडब्ल्यूबीए द्वारा शुरू की गई इंश्योरेंस पॉलिसियों का अनुग्रेशन किया था, जिससे पत्रकार समुदाय में नई आशा का संचार हुआ था।

संगठन को पूर्ण विश्वास है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दूरदर्शी नेतृत्व में इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन की सराहना करते हुए कहा कि एसोसिएशन पत्रकार हित में बेहतरीन कार्य कर रही है। उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा कि पत्रकारों के हित में एसोसिएशन द्वारा रखी गई मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा ताकि पत्रकारों को सुविधा प्रदान करने की योजना बनाई जा सके। मुख्यमंत्री ने एसोसिएशन द्वारा पत्रकारों को प्रदान की जाने वाली इंश्योरेंस पॉलिसियों के लांचिंग कार्यक्रम में जल्द ही शामिल होने की बात कही।

धरणी ने सी एम के संज्ञान में डाला कि उनके मीडिया सेकेट्री प्रवीण अ व डी जी आई पी आर से भी संस्था अनुरोध कर चुकी है। सौंपे गए मांग पत्र में  मांगों में ,पेंशन सुधार संबंधी मांगें ,एमडब्ल्यूबीए ने सेवानिवृत्ति उपरांत पत्रकारों के लिए न्यूनतम 30,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन प्रदान करने की प्रमुख मांग की है। वर्तमान व्यवस्था में पेंशन संबंधी नियम जटिल व कठोर हैं, इसलिए इन्हें सरल, पारदर्शी एवं व्यवहारिक बनाने का आग्रह किया गया है, ताकि कोई योग्य पत्रकार वंचित न रहे।

विशेष रूप से 5 वर्ष की अनिवार्य एक्रीडिटेशन (मान्यता) की शर्त को समाप्त करने से डिजिटल व स्वतंत्र पत्रकार लाभान्वित होंगे।न्यूनतम 15 वर्ष की सक्रिय पत्रकारिता सेवा पूर्ण करने वाले पत्रकारों को पेंशन का पूर्ण अधिकार प्रदान करने व पेंशन हेतु न्यूनतम आयु सीमा 58 वर्ष निर्धारित करने की अपील है। ये सुधार पत्रकारों को आर्थिक स्थिरता प्रदान करेंगे, खासकर जोखिम भरी पत्रकारिता के बाद सेवाकालीन जीवन को सुगम बनाएंगे।  संगठन ने कहा कि डिजिटल युग में मान्यता प्राप्त न होने वाले सैकड़ों पत्रकार इन बदलावों से सशक्त होंगे, जो प्रदेश की पत्रकारिता को मजबूत आधार देंगे।

मांग पत्र में कहा गया है कि सोशल मीडिया नीति का सरलीकरण सोशल मीडिया पॉलिसी को सरल एवं समावेशी बनाने की मांग उठाई गई है, जिससे अधिकाधिक पत्रकार इसका लाभ प्राप्त कर सकें। वर्तमान नीतियां जटिल होने से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय पत्रकार अक्सर बाहर रह जाते हैं, जबकि सोशल मीडिया आज पत्रकारिता का अभिन्न अंग है। एमडब्ल्यूबीए ने जोर देकर कहा कि सरलीकरण से युवा पत्रकारों को मान्यता व सुविधाएं मिलेंगी। पत्रकारों के परिवारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिले।पत्रकारों एवं उनके परिवारों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू करने हेतु शीघ्र अधिसूचना जारी करने की अपील की गई है। राजस्थान मॉडल की तर्ज पर 10 लाख रुपये तक का वार्षिक कैशलेस इलाज इनडोर व आउटडोर दोनों के लिए उपलब्ध हो। संगठन ने उल्लेख किया कि पत्रकार अक्सर जोखिम भरी कवरेज में घायल होते हैं, इसलिए यह सुविधा उनके लिए वरदान सिद्ध होगी। पारिवारिक पेंशन का प्रावधान किया जाए।

पेंशनधारी पत्रकार की मृत्यु की स्थिति में उनकी पत्नी अथवा आश्रित परिवारजनों को पारिवारिक पेंशन प्रदान करने का प्रावधान सरकारी कर्मचारियों की भांति लागू करने की मांग है। इससे परिवार की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी व पत्रकार का समर्पण व्यर्थ न जाए। एमडब्ल्यूबीए ने कहा कि यह कदम पत्रकार बिरादरी के सम्मान को बढ़ाएगा।सरकारी बसों में पत्रकारों के लिए सीटें आरक्षित करने व निजी बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा परिवहन विभाग की सभी श्रेणियों की बसों—डीलक्स, वीडियो कोच, एसी आदि—में पत्रकारों के लिए न्यूनतम दो सीटें आरक्षित करने व निजी बसों में पुलिस कर्मचारियों की तर्ज पर निःशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान करने की अपील की गई है। ग्रामीण व दूरदराज क्षेत्रों में कार्यरत पत्रकारों को खबरों की कवरेज हेतु यह सुविधा क्रांतिकारी सिद्ध होगी, जो उनकी गतिशीलता व कार्यक्षमता को बढ़ाएगी।

मांग पत्र में कहा गया है कि एमडब्ल्यूबीए के मुख्यालय हेतु आवासीय सुविधा एवं शिक्षा-रोजगार में आरक्षण मिले।पंचकूला में मीडिया वेलबीइंग एसोसिएशन के मुख्यालय हेतु रियायती दरों पर सरकारी भूखंड आवंटित करने की मांग है। इससे संगठन पत्रकार कल्याण के लिए और सक्रिय भूमिका निभा सकेगा। पत्रकारों के लिए विशेष आवासीय योजनाएं प्रारंभ करने अथवा रियायती दरों पर आवास उपलब्ध कराने की अपील की गई है, जो आर्थिक बोझ को कम करेगा।पत्रकारों के बच्चों को विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं सरकारी नौकरियों में 3% आरक्षण प्रदान करने की महत्वपूर्ण मांग भी शामिल है। इससे भावी पीढ़ी सशक्त बनेगी व पत्रकारिता पेशे का सामाजिक सम्मान बढ़ेगा। चंद्रशेखर धरणी ने कहा कि एमडब्ल्यूबीए ने कैंसर, किडनी ट्रांसप्लांट जैसे मामलों में पहले ही मदद की है। नायब सिंह सैनी सरकार से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा है, जो हरियाणा पत्रकारिता को नई दिशा देगी। पत्रकार समुदाय इन सुधारों का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।

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