हरियाणा

सावधान! जंक फूड की लत बच्चों और युवाओं के पेट को बना रही बीमार, समय रहते हो जाएं सतर्क

भिवानी। शहर में लोगों में जंक फूड और वसा युक्त खाद्य सामग्री का अधिक सेवन कर रहे हैं जिससे स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। जंक फूड के अधिक सेवन के कारण युवाओं और किशोरों में कब्ज, गैस और पेट दर्द की शिकायतें बढ़ रही हैं। शहर के निजी व सरकारी अस्पतालों में प्रतिदिन इस तरह के मरीज पहुंच रहे हैं। पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के ओपीडी विभाग में भी प्रतिदिन 60 से 70 मरीज पेट दर्द, गैस और कब्ज की समस्या लेकर आ रहे हैं।

अस्पताल परिसर में स्थित आयुर्वेदिक ओपीडी में भी पेट संबंधी शिकायतें लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। फिजिशियन डॉ. यतिन गुप्ता का कहना है कि बदलती जीवनशैली और खानपान में बदलाव के कारण पेट संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि जंक फूड में तेल, मसाले, नमक और चीनी की मात्रा अधिक होने से पाचन तंत्र प्रभावित होता है। इसके कारण खट्टी डकार, सीने में जलन, पेट फूलना, उल्टी-दस्त और पेट में भारीपन जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं। डॉ. गुप्ता ने चेताया कि लंबे समय तक जंक फूड का सेवन करने से आंतों में सूजन, अल्सर और फैटी लीवर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।

त्रिफला कब्ज में कारगर, फाइबर युक्त भोजन जरूरी

पिज्जा, बर्गर, नूडल्स, चिप्स और कोल्ड ड्रिंक बच्चों का पसंदीदा भोजन बन चुके हैं। अधिक तला-भुना और पैकेट बंद खाना खाने की वजह से बच्चों में भी कब्ज की समस्या देखी जा रही है। आयुर्वेदिक योग चिकित्सक डॉ. निशा ने बताया कि कब्ज, पेट दर्द और गैस की समस्या आम हो गई है। डॉ. निशा के अनुसार, आयुर्वेदिक चिकित्सा में त्रिफला कब्ज की समस्या के लिए कारगर है। त्रिफला चूर्ण में आंवला, हरड़ और बहेड़ा का मिश्रण होता है, जिसे रात को सोते समय हल्के गर्म पानी के साथ सेवन करना चाहिए। त्रिफला वात, पित और कफ संबंधी तीनों प्रकार के रोगों में लाभकारी है। इसके अलावा फाइबर युक्त खाद्य सामग्री, हरी सब्जियां, फल और दालों का सेवन करना चाहिए। प्रतिदिन योग और हल्का व्यायाम भी पेट संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद करता है।

Related Articles

Back to top button