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बवानीखेड़ा: ‘लोग वो रोटी छोड़ देते हैं जिसमें बाल हो, पर मांस खाते हैं जिसमें मां का लाल हो’—ब्रह्माकुमारी लक्ष्मी का कड़ा संदेश

बवानीखेड़ा। महाशिवरात्रि पर्व पर बाबा कमाल मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता ब्रह्माकुमारी लक्ष्मी ने कहा कि आज लोग वो रोटी छोड़ देते हैं जिसमें बाल होता है, लेकिन अंडा-मीट खाते हैं जिसमें एक मां का लाल होता है। उन्होंने युवाओं को संस्कार, चरित्र और आहार के महत्व पर मार्गदर्शन दिया। परमपिता परमात्मा ईश्वरीय विश्वविद्यालय उप केंद्र बवानीखेड़ा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विधायक कपूर वाल्मीकि मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रहे।

विशिष्ट अतिथि के रूप में नगर पालिका प्रधान सुंदर अत्री, समाजसेवी सुभाष शर्मा और संजय वाल्मीकि मौजूद थे। मंच संचालन मास्टर कन्नव ठकराल ने किया। कार्यक्रम में शिव शक्ति की झांकियां निकाली गई और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। सोनीपत रिट्रीट सेंटर एवं सब जॉन हांसी की निदेशक राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी लक्ष्मी ने मुख्य वक्ता के रूप में युवाओं और उपस्थित श्रद्धालुओं को जीवन मूल्यों, संस्कार और चरित्र निर्माण के महत्व पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि आज मनुष्य की सोच बदल गई है और संस्कारों में परिवर्तन आ गया है।

ब्राह्माकुमारी लक्ष्मी ने जीजा बाई के उदाहरण से बताया कि उन्होंने शिवाजी को बचपन से ही ऐसे संस्कार दिए थे, जिन्होंने अपनी दीक्षा और शिक्षा से समाज में परिवर्तन किया। उन्होंने शिव की महिमा का वर्णन किया और बताया कि सभी धर्म इसे मानते हैं। उन्होंने युवाओं के चरित्र में आए बदलाव पर चिंता व्यक्त की और बताया कि गांव बास में गुरु पूर्णिमा पर एक शिष्य द्वारा गुरु को चाकू से मारने की घटना सहनशक्ति की कमी को दर्शाती है।

विधायक कपूर वाल्मीकि ने कहा कि पहले परिवार में सभी सदस्य एक साथ बैठकर सुख-दुख साझा करते थे, लेकिन आज ऐसा नहीं है। बच्चों में संस्कारों की कमी है। उन्होंने कहा कि यदि हम अपने माता-पिता की सेवा कर लें तो इससे अधिक कर्म-धर्म कमाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने परमपिता परमात्मा ईश्वरीय विश्वविद्यालय उप केंद्र बवानीखेड़ा को 10 लाख रुपये विकास कार्य के लिए देने की घोषणा की। नगर पालिका प्रधान सुंदर अत्री ने बच्चों को मोबाइल से दूर रखने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यह उनकी संस्कृति, शिक्षा और यौवन सहित संस्कार छीन रहा है। समाजसेवी सुभाष शर्मा ने भी बच्चों द्वारा मोबाइल के दुरुपयोग पर चिंता जताई और इस पर अंकुश लगाने का आग्रह किया। उन्होंने शिव शक्ति के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी सुनीता, ब्रह्माकुमारी रेणू और राजयोगी ब्रह्माकुमार सूबे सिंह ने भगवान के विभिन्न रूपों और उनके महत्व के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में शिव शक्ति की झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं।

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