भिवानी, (ब्यूरो): धनुंडा निवासी संदीप की पत्नी प्रियंका ने अंचल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड मैटरनिटी सेंटर में 31 सप्ताह में एक 1200 ग्राम की लडक़ी को जन्म दिया। यह एक समय से पूर्व प्रसव (प्रीमेच्योर डिलीवरी) थी, जिसे डॉ. अनीता अंचल की देखरेख में सफलतापूर्वक सम्पन्न किया गया। डॉ. अनीता अंचल की विशेषज्ञता और देखभाल के कारण प्रियंका और उनकी बच्ची की सेहत का ध्यान रखा गया।
इस शिशु के जीवित रहने की संभावना बहुत कम थी। लेकिन डॉ. मीनू यादव (एचओडी पीडियाट्रिक विभाग, अंचल हॉस्पिटल) और उनकी टीम ने बिना सर्फेक्टेंट (फेफड़े की परिपक्वता की दवा) के भी इस शिशु पर सफलतापूर्वक इलाज किया। अंचल अस्पताल की एनआईसीयू टीम ने अपनी जान से सेवा की और बच्ची की सेहत में सुधार लाने के लिए कड़ी मेहनत की। डॉ. मीनू यादव और उनकी टीम ने अपनी मेहनत और समर्पण से बच्ची को नया जीवन दिया।
41 दिनों के इलाज के बाद शिशु को 1665 ग्राम वजन के साथ स्वस्थ और खुशहाल अवस्था में डिस्चार्ज किया गया। प्रियंका ने बताया कि आयुष्मान कार्ड के कारण ही उनके लिए एनआईसीयू में 41 दिनों का इलाज निशुल्क संभव हो पाया। प्रियंका ने डॉ. अनीता अंचल, डॉ. मीनू यादव और अंचल अस्पताल की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया, जिनकी वजह से आज उनके घर में भी बच्चे की किलकारी गूंजेगी। उन्होंने कहा कि डॉ. अनीता अंचल ने अपनी विशेषज्ञता से समय से पूर्व प्रसव को सफलतापूर्वक संभाला और डॉ. मीनू यादव ने अपनी टीम के साथ मिलकर बच्ची का सफल इलाज किया, जिसके लिए वे हमेशा आभारी रहेंगी।




