राष्ट्रीय

राजस्थान में तबादला एक्सप्रेस: 222 RAS अधिकारियों का फेरबदल, पंकज ओझा भी हुए स्थानांतरित

राजस्थान में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल सामने आया है. यहां सरकार ने 222 आरएएस अधिकारियों के ट्रांसफर की जंबो लिस्ट जारी की है, जिसमें विवादित आरएएस अधिकारी पंकज ओझा का भी नाम शामिल हैं. पंकज ओझा का तबादला खाद्य विभाग से अब गौपालन विभाग में किया गया है. बीते दिनों आईपीएस पंकज चौधरी ने उनके खिलाफ वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की थी. इसी पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की गई है.

दरअसल, इन दिनों आरएएस अधिकारी पंकज ओझा के खिलाफ आईपीएस पंकज चौधरी ने खुलकर मोर्चा खोला हुआ है. आईपीएस पंकज चौधरी ने खाद्य विभाग में तैनात एडिशनल डायरेक्टर पंकज ओझा के भ्रष्टाचार और पिछले कई महीनो से खाद्य विभाग में मिलावट खोरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने को लेकर राजस्थान के मुख्य सचिव सुधांश पंत और फूड कमिश्नर एच गुइटे को शिकायती पत्र लिखा था.

आईपीएस ने लिखा था शिकायत पत्र

आईपीएस पंकज चौधरी ने पत्र में लिखा था कि पंकज ओझा के खिलाफ एसीबी में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद, वो इस पद पर कैसे बैठे हैं. सरकार ने अभी तक पंकज ओझा को एपीओ भी नही किया. IPS ने यह भी दावा किया कि प्रदेश के चिकित्सा मंत्री ने एसीबी को इस मामले पर एक पत्र भी लिखा था. मगर पंकज ओझा की राजनीतिक पहुंच के चलते कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी गई.

मिलावटखोरों से सांठगांठ का आरोप

IPS ने एक पत्र फ़ूड कमिश्नर को भी लिखा, जिसमें आरोप लगाया गया कि मिलावट रोकने का जिम्मा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण कमिश्नरेट के पास है, लेकिन कमिश्नरेट के अतिरिक्त आयुक्त पंकज ओझा पर मिलावटखोरों से सांठगांठ का आरोप है. आपको बता दें कि पिछले कुछ महीनों से राजस्थान में मिलावट अभियान पूरी तरह बंद हो गया है. प्रदेश में हर साल त्योहारों के मौके पर मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान चलाया जाता था, जो कि अब पूरी तरह से बंद हो गया है.

जानें कब से बंद हुई मिलावटखोरों पर कार्रवाई

वहीं खाद्य सुरक्षा कमिश्नरेट के अफसरों ने मिलावट से जुड़े अभियान को ठंडे बस्ते में डाल दिया है, जब प्रदेश में नई सरकार बनी तो खूब जोरों-शोरों से मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान चलाया गया. पहली बार फाइव स्टार होटल्स पर कार्रवाई हुई, लेकिन मिलावट से जुड़े अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा कमिश्नरेट के अफसर पंकज ओझा की मिलावटखोर माफियाओं से बातचीत और मिलीभगत का ऑडिओ वायरल होने के बाद एसीबी में मामला दर्ज हुआ, तभी से यह अभियान रूका गया जो आज तक शुरू नहीं हो पाया.

Related Articles

Back to top button