कार से कुत्ते का एक्सीडेंट होने पर क्या करें? प्रेमानंद महाराज ने बताया पाप से मुक्ति का उपाय

जीव हत्या को हिंदू धर्म में पाप माना जाता है और इस पाप का फल व्यक्ति को अपने जीवन में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भुगतना ही पड़ता है. अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि गाड़ी चलाते समय अनजाने में किसी कुत्ते या अन्य जानवर की हत्या हो जाती है. ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल आता है कि अनजाने में कार से कुत्ते की हत्या होने पर क्या पाप लगता है और इस पाप से मुक्ति के लिए क्या करना चाहिए. प्रेमानंद महाराज से जानते हैं कि कार से कुत्ते का एक्सीडेंट हो जाए तो मुक्ति के लिए क्या करें.
हाल ही में प्रेमानंद महाराज से एक भक्त ने पूछा कि अगर मेरी कार से एक कुत्ते का एक्सीडेंट हो जाए और उसकी मृत्यु हो जाए तो मुझे इस पाप से मुक्ति पाने के लिए क्या करना चाहिए. इस सवाल पर प्रेमानंद महाराज ने कहा, “अगर कार चलाते हुए गलती से कुत्ते का मर जाना एक दुर्घटना है और इसे जानबूझकर किया गया पाप नहीं माना जाता है, क्योंकि मारने का इरादा नहीं था.”
प्रेमानंद महाराज ने क्या कहा?
प्रेमानंद महाराज कहा कि अगर आपकी कार से किसी जानवर का एक्सीडेंट होता है और आप उसे मरा समझकर देखे बिना या उसकी मदद किए बिना ही वहां से चले जाते हैं, तो यह एक पाप माना जाएगा, क्योंकि वह तो बेजुबान है और उसका कोई नहीं है. ऐसे में आपको कार से उतरकर यह देखना जरूरी है कि उसे कितनी चोट लगी है और उसकी मदद करनी चाहिए.
महाराज जी ने आगे बताया कि अनजाने में गाड़ी से कुत्ते का एक्सीडेंट होने पर उसकी सहायता किए बिना ही चले जाना घोर पाप माना जाता है, जिसका कर्म व्यक्ति को हर स्थिति में भुगतना पड़ेगा और इससे मुक्ति भी नहीं मिल सकती है. हालांकि, अगर गाड़ी के सामने कुत्ता अचानक से आया और टकराकर मृत्यु को प्राप्त हो जाता है तो वह पाप नहीं माना जाएगा.
अगर आपकी कार से कुत्ते का एक्सीडेंट हो जाता है और आपके उतरकर देखने पर वह मृत पाया जाए, तो इस पाप से मुक्ति के लिए आप भगवद नाम, दान-पुण्य और भगवान से कृपा कर सकते हैं, क्योंकि केवल वही आपको क्षमा कर सकते हैं.




