उत्तर प्रदेश

मायावती का दावा: फ्री एंड फेयर चुनाव होते तो बिहार में नतीजे कुछ और होते

बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 203 सीटों पर दर्ज की. इस जीत से एनडीए खेमे में जबरदस्त उत्साह है. वहीं इंडिया गठबंधन को इस चुनाव में करारा झटका लगा है. महागठबंधन महज 35 सीटों पर ही सिमट गया. इधर मायावती की बीएसपी ने एक सीट पर जीत दर्ज की. इस बीच मायावती का बयान सामने आया है. उन्होंने बिहार चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं.

मायावती ने कार्यकर्ताओं को का जताया आभार

अपनी पोस्ट में बीएसपी प्रमुख मायावती ने लिखा ‘मैं बिहार विधानसभा के हाल में हुए चुनाव में कैमूर जिले की रामगढ़ विधानसभा सीट पर बसपा के उम्मीदवार सतीश कुमार सिंह यादव को जीत दिलाने के लिये पार्टी के सभी सदस्यों को बधाई देती हूं और उनका तहेदिल से आभार प्रकट करती हूं’.

‘हराने की पूरी कोशिश की लेकिन…’

उन्होंने आगे कहा ‘वहां के प्रशासन और सभी विरोधी दलों ने मतों की गिनती बार-बार कराने के बहाने बीएसपी उम्मीदवार को हराने की पूरी कोशिश की लेकिन पार्टी के बहादुर कार्यकर्ताओं के पूरे समय डटे रहने के कारण विरोधियों का यह षड्यंत्र सफल नहीं हो सका’. उन्होंने कहा कि बिहार के इस क्षेत्र की अन्य सीट पर विरोधियों को कांटे की टक्कर देने के बावजूद बीएसपी उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत सके.

‘चुनाव निष्पक्ष होता तो और सीटें जीतते’

पूर्व सीएम ने कहा कि अगर चुनाव पूरी तरह से स्वतंत्र एवं निष्पक्ष होता तो लोगों से मिली प्रतिक्रिया के अनुसार बीएसपी और भी कई सीट जरूर जीतती. लेकिन ऐसा नहीं हो सका. उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहा कि वो घबराए नहीं साथ ही आगे और भी ज्यादा तैयारी के साथ काम करें.

बीएसपी ने एक सीट पर दर्ज की जीत

बिहार में विधानसभा चुनाव में बीएसपी को एक सीट पर जीत मिली है. कैमूर जिले की रामगढ़ विधानसभा सीट पर बसपा प्रत्याशी सतीश कुमार सिंह यादव ने मामूली अंतर से ही सही लेकिन जीत अपने नाम की. उन्होंने बीजेपी के अशोक कुमार सिंह पर लगातार बढ़त बनाए रखी. यहां से बीएसपी के प्रत्याशी सतीश यादव ने महज 30 वोटों से जीत हासिल की और बीजेपी उम्मीदवार को शिकस्त दी.

एनडीए ने 202 सीटों पर जमाया कब्जा

बिहार में विधानसभा चुनावों की मतगणना 14 नवम्बर को हुई थी, जिसमें एनडीए को प्रचंड बहुमत मिला है. 243 सीटों में से एनडीए ने 202 सीटों पर जीत दर्ज की . जबकि महागठबंधन को खासा निराशा हाथ लगी है. बीजेपी 89 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. वहीं जेडीयू ने 85 सीटें जीतीं, इसके अलावा केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 19 सीट मिलीं.

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