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थाने में बुजुर्ग की ऐसी हुई मेहमानवाजी कि देने लगे आशीष, जानें पूरा मामला

गुड़गांव: अब तक आपने थानों में अपराधियों से सच उगलवाने के लिए पुलिस को थर्ड डिग्री देने की बात तो सुनी होगी, लेकिन कोई थाने में जाए और उसकी मेहमानवाजी की जाए तो शायद इस बात का आपको यकीन नहीं होगा। ऐसा गुड़गांव के न्यू कॉलोनी थाने में हुआ है। जहां घर का रास्ता भटक चुके 75 वर्षीय बुजुर्ग का न्यू कॉलोनी थाना पुलिस ने अतिथि सत्कार किया। बुजुर्ग से कई बार पूछने के बाद भी वह अपने घर के बारे में नहीं बता पाए तो पुलिस ने उनके परिजनों का पता लगाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए। वहीं, बुजुर्ग को कहीं भी ऐसा महसूस नहीं होने दिया कि वह थाने में मौजूद हैं।

दरअसल, गुड़गांव पुलिस कमिश्नर ने बुजुर्गों की सहायता के लिए प्रोजेक्ट साथ की शुरूआत की है। इसके तहत बुजुर्गों को हर संभव सहायता देना गुड़गांव पुलिस ने अपना लक्ष्य बनाया है। इस प्रोजेक्ट को शुरू हुए अभी 24 घंटे भी नहीं हुए थे कि एक बुजुर्ग अपने घर का रास्ता भटक गए। उम्र के कारण उनकी याददाश्त भी कमजोर हो गई और घर के बारे में भी जानकारी नहीं दे पा रहे थे। ऐसे में यह बुजुर्ग मदद लेने के लिए गुड़गांव पुलिस के न्यू कॉलोनी थाने में पहुंचे। पुलिस ने जब उनके रहने के स्थान के बारे में पूछा तो वह कुछ बता नहीं पाए। इस पर उन्होंने बुजुर्ग को एक कमरे में बैठा दिया और यहां तैनात मुलाजिम उनकी आवभगत करने लगे। वहीं, थाना प्रभारी ने एक टीम को बुजुर्ग के परिजनों के बारे में पता लगाने के लिए लगा दिया। भूख प्यास से व्याकुल हो चुके बुजुर्ग के लिए थाने में ही खाना बनवाया गया। उन्हें चाय दी गई। करीब चार घंटे बाद न्यू कॉलोनी थाने के अंतर्गत आने वाली अर्जुन नगर पुलिस चौकी को बुजुर्ग के परिजनों के बारे में पता लग गया जो उन्हें लेकर थाने पहुंच गए। परिजनों के मन में जो पुलिस के व्यवहार को लेकर डर था उसे वह उस वक्त भूल गए जब बुजुर्ग ने उन्हें बताया कि पुलिस ने उनका इतना अतिथि सत्कार किया कि जैसे वह मेहमान बनकर किसी रिश्तेदार के घर पहुंचे हो।

थाना प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि बुजुर्ग की पहचान प्रताप नगर के रहने वाले राधेश्याम के रूप में हुई है। वह अपनी बेटी के घर रहते हैं और सुबह शेविंग कराने के लिए घर से निकले थे। गलियों में सीवर लाइन डालने का कार्य चला हुआ है। ऐसे में वह वापस आते वक्त टूटी गलियों से बचने के लिए किसी गलत गली में घूम गए और रास्ता भटक गए। परिजनों को ढूंढकर उन्हें परिजनों के हवाले कर दिया गया है। फिलहाल गुड़गांव पुलिस के इस मानवीय चेहरे ने लोगों के दिलों से पुलिस की छवि को ही बदल दिया है।

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