मध्यप्रदेश

Jabalpur Crime: जबलपुर में होली पर खूनी खेल, मामूली बात पर भिड़ गए दो गुट; लाठी-डंडों से हमले में 7 घायल

मध्य प्रदेश के जबलपुर जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर चरगवां थाना क्षेत्र के बम्बाबारी गांव में होलिकादहन के दिन सरकारी रास्ते को लेकर दो पक्षों के बीच पुराना विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया. खेत तक जाने वाले मार्ग को लेकर दोनों परिवारों के बीच पिछले चार वर्षों से तनातनी चली आ रही थी. बताया जा रहा है कि हाल ही में प्रशासन द्वारा रास्ते का सीमांकन किए जाने के बाद भी विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ था. इसी बीच होलिकादहन के दिन दोपहर के समय कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों ने लाठी-डंडों, लोहे की रॉड और सब्बल से एक-दूसरे पर हमला कर दिया. अचानक हुई इस मारपीट से गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. घटना में कुल सात लोग घायल हुए हैं. एक पक्ष से 34 वर्षीय प्रेमवती बाई पटेल, 38 वर्षीय गोविंद पटेल, 66 वर्षीय कोमल पटेल, 60 वर्षीय सियाबाई पटेल और 36 वर्षीय टेकसिंह पटेल घायल हुए हैं. वहीं दूसरे पक्ष से 55 वर्षीय लक्ष्मण सिंह पटेल और उनकी 45 वर्षीय पत्नी जानकी बाई को चोटें आई हैं. घायलों में तीन महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं, जबकि कुछ अन्य लोगों को भी हल्की चोटें आने की जानकारी मिली है.

घटना की सूचना मिलते ही चरगवां पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया. सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए जबलपुर के मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है. चिकित्सकों के अनुसार घायलों में से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है. जानकारी के मुताबिक खेत तक जाने वाले सरकारी रास्ते को लेकर दोनों पक्षों में लंबे समय से विवाद चला आ रहा था. प्रशासन द्वारा रास्ते का निर्धारण किए जाने के बाद भी दोनों पक्षों में आपसी सहमति नहीं बन सकी. आरोप-प्रत्यारोप के बीच तनाव लगातार बना हुआ था, जो त्योहार के दिन हिंसक रूप ले बैठा.

पीड़ितों ने क्या कहा?

घायल टेक सिंह पटेल ने बताया कि वह घटना के समय सभी लोग खेत में काम कर रहे थे. तभी अमित पटेल, लक्ष्मण पटेल, जानकी बाई और आरती बाई वहां पहुंचे और सब्बल से हमला कर दिया. उन्होंने मेरे छोटे भाई गोविंद पटेल, मेरे पिताजी कोमल पटेल, माता सियाबाई और मेरी छोटी बहू प्रेमवती बाई पर हमला कर दिया किया. तभी में बचाने के लिए पहुंचा तो मुझ पर भी सब्बल से सिर पर हमला किया गया, जिससे मैं भी घायल हो गया. आरोप है कि सामने वाले पक्ष के चार लोग अमित पटेल, लक्ष्मण पटेल, जानकी बाई और आरती बाई ने इस विवाद को लेकर हमला किया. जिसमें गोविंद पटेल और कोमल पटेल बेहद गंभीर रूप से घायल हैं.

टेकसिंह ने बताया कि पिछले चार पांच सालों से जिस जमीन को लेकर विवाद चल रहा है वह हमारी निजी जमीन है और अभी कुछ दिनों पहले ही जमीन की नपाई हुई थी. लेकिन सामने वाले पक्ष का कहना है कि वह सरकारी जमीन या सड़क की भूमि है, लेकिन हमारी जानकारी के अनुसार सड़क की जमीन पहले ही चिन्हित कर निकाली जा चुकी है. तहसीलदार साहब द्वारा सड़क का सीमांकन किया गया था, सरपंच द्वारा नहीं. इसके बावजूद सामने वाले लोग हमारी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे, जिसको लेकर यह पूरा विवाद और मारपीट की घटना हुई.

रास्ते को लेकर भिड़े दो पक्ष

वहीं दूसरे पक्ष से घायल आरती बाई के अनुसार, वे लोग भिंडी लगाने खेत गए थे और लौटते समय सामने वाले पक्ष ने उन्हें निर्धारित रास्ते से निकलने से रोक दिया. उनका कहना है कि तहसीलदार, पटवारी, सरपंच और पुलिस की मौजूदगी में पहले ही रास्ते का सीमांकन किया जा चुका था और उनके द्वारा ही सरकारी जमीन हमें निकलने के लिए दी गई थी. उस वक्त लगभग 50 लोग उपस्थित थे. इसके बावजूद उसी चिन्हित मार्ग से निकलने पर विरोध किया गया. आरोप है कि पक्ष के लोग लाठी लेकर पहुंचे, फिर गुल्लू पटेल राइजर (नुकीला औजार) लेकर आया और बबलू हंसिया व कुल्हाड़ी के साथ पहुंचा. उनके साथ लक्ष्मी बाई, राधे, उसका बेटा और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद थे.

आरती बाई का आरोप है कि आरोपितों ने अचानक मारपीट शुरू कर दी और उनके पिता पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया. जब उनकी मां बीच-बचाव करने पहुंचीं तो उनके साथ भी मारपीट की गई. घबराकर आरती बाई ने आसपास के घरों में मदद मांगी, लेकिन कोई सहायता के लिए आगे नहीं आया. उनका कहना है कि पुलिस ने भी तत्काल सुनवाई नहीं की. बाद में घायल पिताजी को उपचार के लिए ले जाया गया. घटना के दौरान उनका भाई भी लापता हो गया, जिसका अब तक पता नहीं चल पाया है.

दोनों पक्षों के लोगों पर केस दर्ज

वहीं, पूरे मामले में थाना प्रभारी अभिषेक प्यासी का कहना है कि दो पड़ोसी पक्ष कोमल पटेल एवं लक्ष्मण पटेल के बीच सरकारी रास्ते को लेकर विवाद हो गया. यह विवाद खेत तक जाने वाले मार्ग को लेकर था. इसी दौरान दोनों पक्षों में झड़प हुई, जिसमें कुल सात लोग घायल हो गए. सभी घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है. बताया गया है कि खेत तक जाने के लिए कुछ दिन पूर्व ही सरकारी रास्ता निर्धारित किया गया था. उसी मार्ग से आने-जाने को लेकर दोबारा विवाद की स्थिति बनी.

फिलहाल, चरगवां पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है. एएसआई प्रकाश पटेल ने बताया कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है तथा दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. घटना के बाद गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की पुनरावृत्ति न हो. पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और गांव में लगातार निगरानी रखी जा रही है.

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