Nathdwara Holi 2026: नाथद्वारा में जलेगी विश्व की सबसे बड़ी होलिका, 32 फीट की ऊंचाई और 350 साल पुराना इतिहास

राजस्थान के राजसमंद जिले के नाथद्वारा में विश्व की सबसे बड़ी होली होलिका का दहन किया जाता है. बता दें कि नाथद्वारा में स्थित होलीमंगरा में लगभग 30 से 32 फीट की होलिया तैयारी की जाती है. इसे तैयार करने में बड़ी तादाद में श्रमिकों को बुलाया जाता है, जो कि लगभग 1500 से 2000 तक कांटों की झाड़ियां लेकर आते हैं और लगभग 30 से 32 फीट उंची होलिका को तैयार करते हैं.
कांटों की झाड़ियों को यहां स्थानीय भाषा में मथारियां कहा जाता है. इस होलिका दहन को देखने के लिए दूरदराज से लोग नाथद्वारा पहुंचते हैं. वहीं इस पूरे आयोजन को लेकर श्रीनाथजी मंदिर के पंड्याजी परेश नागर ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रीनाथजी की नगरी में लगभग 40 दिन तक होली का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है. विश्व की सबसे बड़ी होलिका का दहन नाथद्वारा में ही होता है.
350 साल पुरानी है परंपरा
उन्होंने बताया ब्रज से जब प्रभु श्रीजी यहां पधारे तब से लगातार यह क्रम जारी है. करीब 350 सालों से ये परंपरा जारी है. पंड्याजी ने बताया कि इस बार ग्रहण होने के कारण होलिका का दहन 3 मार्च को सुबह 6 बजे होगा. वहीं उन्होंने यह भी बताया कि होलिका दहन के दौरान जो लपटें उठती है, उससे आने वाले समय का अंदाजा लगाया जाता है. अगर हवा से लपटें गांव की तरफ आती है तो यह माना जाता है कि इस बार गांव में ज्यादा परेशानी और बीमारियों होंगी.
दूर-दूर से पहुंचते हैं लोग
लपटों की हवा सीधी जाती है, तो बहुत अच्छा साल जाने की संभावनाएं रहती है. यह मान्यताएं पिछले सैकड़ों साल से चली आ रही हैं. नाथद्वारा में होलिका दहन देखने के लिए दूर-दूर लोग पहुंचते हैं. इस दौरान वह अपने परिवार की सुख-शांति की कामना भी करते हैं. श्रीनाथजी की नगरी में होली का पर्व एक या फिर दो दिन नहीं बल्कि 40 दिन तक मनाया जाता है, जहां लोग बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ एक दूसरे से मिलते हैं.




