दिल्ली

Holi 2026: दिल्ली के बाजारों में होली की धूम, 2000 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड कारोबार का अनुमान; व्यापारियों की चांदी

हर साल की तरह इस बार भी होली का उत्साह लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है. दिल्ली-एनसीआर में जगह-जगह होली मिलन समारोहों की धूम देखने को मिल रही है. मार्केट एसोसिएशन, सामाजिक संस्थाएं और आरडब्ल्यूए (RWA) बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं, जहां लोग एक-दूसरे को गुलाल लगाकर और चंदन टीका कर होली की शुभकामनाएं दे रहे हैं. फूलों और रंगों के साथ पारंपरिक अंदाज में होली खेली जा रही है.

इन आयोजनों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत और स्वादिष्ट खाने की विशेष व्यवस्था की जा रही है. त्योहार से पहले ही राजधानी का माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो चुका है. व्यापारियों के शीर्ष संगठन ‘चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री’ (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल और महासचिव गुरमीत अरोड़ा के मुताबिक, इस बार होली मिलन समारोहों की संख्या सामान्य वर्षों की तुलना में करीब चार गुना बढ़ गई है. कई ऐसी संस्थाएं भी इस बार कार्यक्रम कर रही हैं, जो पहले 3-4 साल में एक बार आयोजन करती थीं.

दिल्ली की अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती

व्यापारिक दृष्टि से भी यह सकारात्मक संकेत माना जा रहा है. CTI पदाधिकारियों का कहना है कि इन आयोजनों से दिल्ली की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों को रोजगार मिल रहा है. टेंट हाउस, एंकर, गायक, नृत्य कलाकार, हलवाई, साउंड-डीजे, इवेंट ऑर्गनाइज़र, बैंक्वेट हॉल, कैटरिंग, सजावट, रंग-गुलाल, फूल, पिचकारी और मिठाई कारोबारियों सहित कई सेक्टर में काम बढ़ा है.

2000 करोड़ के कारोबार का अनुमान

बृजेश गोयल के अनुसार, इस बार होली के मौके पर दिल्ली में 5 हजार से अधिक कार्यक्रम आयोजित होने का अनुमान है. वहीं पूरे शहर में करीब 2000 करोड़ रुपये के कारोबार की संभावना जताई गई है. त्योहार के दौरान छोटे-बड़े सभी व्यापारियों को लाभ मिलता है और बाजार में नकदी का प्रवाह बढ़ता है.

उन्होंने बताया कि कश्मीरी गेट, चांदनी चौक, चावड़ी बाजार, खारी बावली, सदर बाजार, करोल बाग, कनॉट प्लेस, लाजपत नगर, नेहरू प्लेस, कमला नगर, राजौरी गार्डन, रोहिणी, शाहदरा और तिलक नगर समेत 700 से अधिक बाजारों में 4 मार्च को होली के अवसर पर अवकाश रहेगा. साथ ही दिल्ली के 56 औद्योगिक क्षेत्रों की फैक्ट्रियां भी इस दिन बंद रहेंगी.

Related Articles

Back to top button