Textile Minister in Bhiwani: ‘लोहे की जगह लेंगे जियो सिंथेटिक वस्त्र’, भिवानी में बोले गिरिराज सिंह; 6 देशों के साथ TITS का बड़ा समझौता

भिवानी। केंद्रीय टेक्सटाइल मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि तकनीकी और संरचनात्मक कंपोजिट टेक्सटाइल भविष्य की औद्योगिक प्रगति की आधारशिला हैं और इन्हें गांव स्तर तक लोगों के दिलो-दिमाग तक ले जाने की जरूरत है।
केंद्रीय मंत्री ने सम्मेलन का शुभारंभ करने के साथ तकनीकी वस्त्र एवं कंपोजिट प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया और विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। सम्मेलन के दौरान टीआईटीएस संस्थान ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक एवं औद्योगिक सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए छह देशों के संस्थानों से छह महत्वपूर्ण अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम में भिवानी के विधायक घनश्याम सर्राफ और भाजपा जिलाध्यक्ष विरेंद्र कौशिक भी मौजूद रहे।
गिरिराज सिंह ने कहा कि भारत सरकार की वस्त्र नीति देश को वैश्विक विनिर्माण और नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है। पहली बार टेक्सटाइल क्षेत्र में साढ़े दस हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि पीएलआई में और डेढ़ हजार करोड़ रुपये टेक्सटाइल अनुसंधान के लिए दिए गए हैं। कपड़ा उद्योग क्षेत्र में 15 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश किया गया है। उन्होंने कहा कि लोहे के सरिये के स्थान पर जियो सिंथेटिक मैटीरियल का प्रयोग किया जाएगा जो वजन में हल्का और कीमत में सस्ता होगा।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भवन निर्माण, हवाई जहाज, एयरक्राफ्ट और विंड टरबाइन निर्माण में कंपोजिट मैटीरियल का उपयोग बढ़ेगा। टैरिफ वार के दौरान भी भारत से छह हजार करोड़ रुपये से अधिक कीमत के कपड़े का निर्यात हुआ। भविष्य में कंपोजिट और जियो सिंथेटिक टेक्सटाइल का निर्यात 200 बिलियन से अधिक तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के संकल्प में युवाओं की बड़ी भूमिका बताते हुए नवाचार अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन के माध्यम से अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप प्रोत्साहन और उद्योग–शिक्षा सहयोग को मजबूत किया जा रहा है।




