Tillu Murder Case Update: एक्सप्रेस-वे के नीचे दफन है 6 साल पहले लापता मासूम का कंकाल? GPR मशीन से शुरू हुई तलाश

राजस्थान के दौसा जिले में छह वर्ष पहले लापता हुए चार साल के मासूम टिल्लू उर्फ प्रिंस हत्याकांड में पुलिस जांच अब अंतिम चरण में पहुंच गई है. मामले में हाल ही में गिरफ्तार दो रिश्तेदार आरोपियों कृष्णा और अनिल ने पूछताछ में बच्चे की हत्या कर शव को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के किनारे दफनाने की बात स्वीकार की है. इस खुलासे के बाद पुलिस, प्रशासन और तकनीकी विशेषज्ञों की संयुक्त टीम ने संभावित स्थानों पर शव की तलाश के लिए बड़े स्तर पर अभियान शुरू कर दिया है.
जांच एजेंसियों ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के चयनित हिस्से में ग्राउंड स्कैनिंग (GPR) मशीन के माध्यम से जमीन के भीतर की संरचना का तकनीकी सर्वे किया है. सूत्रों के अनुसार, मशीन ने दो से तीन स्थानों को संदिग्ध बताते हुए चिन्हित किया है. इन जगहों की अब 3-डी रिपोर्ट तैयार की जा रही है.
साइंटिफिक मानकों के अनुरूप होगी खुदाई
अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर यदि आवश्यक हुआ तो साइंटिफिक मानकों के अनुरूप खुदाई कराई जाएगी, ताकि संभावित साक्ष्य सुरक्षित रह सकें. संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है और सर्वेक्षण कार्य पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया.
बदली भौगोलिक स्थिति से जांच चुनौतीपूर्ण
पुलिस के अनुसार पिछले छह वर्षों में एक्सप्रेस-वे निर्माण के दौरान बड़े पैमाने पर मिट्टी का भराव और कटान हुआ है, जिससे इलाके की भौगोलिक संरचना बदल चुकी है. ऐसे में शव की सटीक लोकेशन चिन्हित करना कठिन हो गया है. शव की बरामदगी के लिए एक्सप्रेस-वे के कुछ हिस्से को तोड़ने की संभावना भी जताई जा रही है. इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को पत्र भेजा गया है.
दुबई से लौटे पिता, 6 साल से न्याय की लड़ाई
प्रिंस के पिता जगमोहन, जो वर्तमान में दुबई में कार्यरत हैं, खुदाई की सूचना मिलते ही भारत लौट आए हैं. वे लगातार मौके पर मौजूद रहकर बेटे के अवशेष मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं. उन्होंने बताया कि छह वर्षों में बेटे की तलाश और न्याय के लिए उन्होंने करीब 10 लाख रुपये खर्च किए, कई अधिकारियों से गुहार लगाई और अदालतों के चक्कर काटे, लेकिन ठोस परिणाम नहीं मिला. अब उन्हें प्रशासन से उम्मीद है कि बेटे का शव बरामद होगा और दोषियों को सजा मिलेगी.
16 अगस्त 2020 को घर से लापता हुआ था प्रिंस
गौरतलब है कि 16 अगस्त 2020 को प्रिंस अपने घर के आंगन से अचानक लापता हो गया था. परिवार ने आसपास काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. उस समय गुमशुदगी का मामला दर्ज हुआ, पर जांच धीरे-धीरे ठंडी पड़ गई.
परिजनों ने हार नहीं मानी और वर्ष 2021 में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पुनः जांच की मांग की. अदालत के निर्देशों और हालिया जांच के बाद पुलिस ने संदिग्ध रिश्तेदारों से पूछताछ तेज की, जिसके बाद कृष्णा और अनिल को हिरासत में लिया गया. उनके कथित कबूलनामे के आधार पर पुलिस ने हत्या की आशंका को पुख्ता मानते हुए खुदाई अभियान शुरू कराया है.




