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एक्सप्रेसवे के नीचे 6 साल से दफन है ‘टिल्लू’ का शव! दुबई से लौटे पिता की एक चिट्ठी ने सिस्टम में मचाया हड़कंप

राजस्थान के दौसा जिले में छह साल पहले हुए टिल्लू उर्फ प्रिंस हत्याकांड में अब एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. चार साल के मासूम की हत्या के मामले में पुलिस ने हाल ही में दो आरोपियों कृष्णा और अनिल को गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपी रिश्तेदार हैं. पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित रूप से स्वीकार किया है कि उन्होंने ही बच्चे की हत्या कर शव को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के किनारे दफना दिया था. इस खुलासे के बाद पुलिस और प्रशासन ने संदिग्ध स्थानों पर शव की तलाश के लिए एक्सप्रेस-वे के किनारे खुदाई अभियान शुरू कर दिया है.

पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की निगरानी में बीते दो दिनों से एक्सप्रेस-वे के पास चिन्हित पांच स्थानों पर जेसीबी और आधुनिक मशीनों की मदद से खुदाई कराई गई. 24 फरवरी को लगभग साढ़े तीन घंटे तक खुदाई हुई, जबकि 25 फरवरी को भी प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी में अभियान जारी रहा. हालांकि अब तक बच्चे के अवशेष या कंकाल बरामद नहीं हो सके हैं.

पुलिस का कहना है कि इलाके की भौगोलिक स्थिति पिछले छह वर्षों में काफी बदल चुकी है, क्योंकि एक्सप्रेस-वे निर्माण के दौरान मिट्टी का भराव और कटान हुआ है. ऐसे में शव की सही लोकेशन चिन्हित करना चुनौतीपूर्ण हो गया है. शव की बरामदगी के लिए एक्सप्रेस-वे के कुछ हिस्से को तोड़ने की तैयारी भी की जा रही है. इसके लिए एनएचआई को पत्र लिखा जा चुका है. खुदाई स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

दुबई से भारत लौटे पिता

प्रिंस के पिता जगमोहन, जो वर्तमान में दुबई में काम करते हैं, खुदाई की सूचना मिलते ही तुरंत भारत लौट आए हैं. वे लगातार खुदाई स्थल पर मौजूद रहकर अपने बेटे के अवशेष मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं. उन्होंने बताया कि पिछले छह वर्षों में उन्होंने बेटे को ढूंढने और न्याय पाने के लिए करीब 10 लाख रुपये खर्च कर दिए, कई जगह गुहार लगाई और अदालतों के चक्कर काटे, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं मिला.

 

अब उन्हें प्रशासन से उम्मीद है कि बेटे का शव बरामद होगा और दोषियों को सजा मिलेगी. परिवार के अन्य सदस्य और ग्रामीण भी बड़ी संख्या में मौके पर मौजूद रहकर खुदाई की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं.

 

16 अगस्त 2020 को प्रिंस लापता हो गया था

गौरतलब है कि 16 अगस्त 2020 को प्रिंस अचानक अपने घर के आंगन से लापता हो गया था. परिवार ने आसपास काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. उस समय गुमशुदगी का मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच की, मगर केस धीरे-धीरे ठंडा पड़ गया. परिजनों ने हार नहीं मानी और वर्ष 2021 में हाई कोर्ट में याचिका दायर कर मामले की दोबारा जांच की मांग की. अदालत के निर्देशों और हालिया जांच के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध रिश्तेदारों से पूछताछ तेज की, जिसके बाद कृष्णा और अनिल को हिरासत में लिया गया. पूछताछ में दोनों के बयानों के आधार पर पुलिस ने हत्या की आशंका को पुख्ता माना और खुदाई अभियान शुरू कराया.

 

परिजनों का आरोप है कि आपसी रंजिश और पारिवारिक विवाद के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया. बताया जा रहा है कि बच्चे के लापता होने के बाद आरोपी परिवार के साथ मिलकर उसे खोजने का दिखावा करते रहे और शोक जताने का नाटक भी करते रहे, जिससे किसी को उन पर संदेह न हो. पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है.

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