उत्तर प्रदेश

Uma Shankar Singh Profile: ठेकेदारी से सियासत के शिखर तक, जानिए बसपा के कद्दावर विधायक उमाशंकर सिंह की कहानी

उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी (BSP) के विधायक उमाशंकर सिंह के लखनऊ, बलिया और सोनभद्र के कई ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापेमारी की है. आयकर विभाग की टीम ने आज बुधवार को एक साथ उमाशंकर के कई ठिकानों पर छापा मारा. छापेमारी के दौरान किसी को भी उनके घर के अंदर घुसने की अनुमति नहीं दी गई, साथ में गेट को अंदर से लॉक कर दिया गया था. बलिया स्थित उनके निर्वाचन क्षेत्र में भी छापेमारी की गई.

लखनऊ के गोमतीनगर विपुल खंड-एक स्थित उमाशंकर के आवास और कार्यालय पर IT टीम ने छापेमारी की. इसके अलावा सोनभद्र और बलिया में भी छापेमारी की जा रही है. आईटी की बड़ी टीम जब छापेमारी के लिए सोनभद्र पहुंची तो वहां पर हड़कंप मच गया. करीब 25 गाड़ियों के काफिले से सोनभद्र पहुंची टीम ने करीब आधा दर्जन व्यापारियों के घर पर छापेमारी की. ये सभी छापेमारी खनन से जुड़े हुए हैं. छापेमारी के लिए 60 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी लगाए गए.

11 महीने पहले भी आए थे ED जांच के घेरे में

बीएसपी के कद्दावर नेता और मायावती के करीबी नेताओं में शुमार किए जाने वाले विधायक उमाशंकर सिंह करीब 11 महीने पहले आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुर्खियों में आए थे. तब भी उनके खिलाफ जांच की गई थी. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने यह जांच शुरू की थी. प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने उमाशंकर के साथ-साथ उनकी पत्नी पुष्पा, बेटे युकेश और बेटी यामिनी के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों के बारे में डिटेल खंगाला था.

उनके परिवार के नाम पर खरीदी गई जमीन, मकान, फ्लैट के साथ व्यावसायिक और कृषि से जुड़ी संपत्तियां भी शामिल थीं. जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय ने प्रयागराज के आईजी को पत्र के जरिए इन संपत्तियों की विस्तृत जानकारी मांगी थी. इसके बाद आईजी की ओर से संबंधित विभागों को जानकारी देने का निर्देश जारी किया गया. वाराणसी के उप-निबंधन कार्यालयों से भी रिकॉर्ड जुटाए गए थे.

छात्र राजनीति में नाकामी, ठेकेदारी में कामयाबी

उत्तर प्रदेश की सियासत में बीएसपी के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का नाता बलिया से है. वह बलिया के रसड़ा तहसील के खनवर गांव के रहने वाले हैं. उनकी शुरुआती शिक्षा बलिया में ही हुई थी. कॉलेज के दिनों में वह छात्र राजनीति में आ गए, लेकिन तब उन्हें ज्यादा कामयाबी हाथ नहीं लगी. छात्र राजनीति में नाकामी के बाद वह ठेकेदारी के क्षेत्र में आ गए। ठेकेदारी करते हुए उन्हें कामयाबी मिली और उन्होंने काफी धन कमाया.

इस दौरान वह जिला पंचायत का चुनाव लड़े और वहां पर जीते भी. साल 2012 के विधानसभा चुनाव के दौरान वह रसड़ा विधानसभा सीट से बीएसपी के टिकट पर मैदान में उतरे और जीत हासिल करने में कामयाब रहे. वह 2017 के चुनाव में फिर से इसी सीट से मैदान में उतरे और लगातार दूसरी जीत अपने नाम की. 2022 के चुनाव में वह बीएसपी के टिकट पर तीसरी बार चुनाव जीतने में कामयाब रहे. उमाशंकर की यह लगातार तीसरी जीत रही.

ठेकेदारी से पैसा बनाने के बाद उमाशंकर सिंह ने कई अन्य क्षेत्रों में भी अपनी किस्मत आजमाई. इस दौरान उन्होंने छात्र शक्ति कन्स्ट्रक्शन्स नाम की कंपनी बनाई. उनकी कंपनी सड़क निर्माण का काम करती है. माइनिंग सेक्टर में भी उमाशंकर सिंह कंपनी काम करती है. यही नहीं उन्होंने स्कूल और होटल जैसी इंडस्ट्री में भी अपना कारोबार बढ़ाया. उमाशंकर की पत्नी पुष्पा सिंह सीएस इन्फ्रा कंस्ट्रक्शन लिमिटेड की मैनेजिंग डायरेक्टर हैं.

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