12वीं के टॉपर का खौफनाक कदम: नौकरी नहीं मिली तो माता-पिता और भाई को उतारा मौत के घाट, रातभर शवों के पास बैठा रहा

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से एक दिल दहलाने वाली और सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. यहां एक गांव के 30 वर्षीय युवक दीपक धुर्वे पर अपने ही माता-पिता और छोटे भाई की हत्या करने का आरोप है. घटना गुरुवार की बताई जा रही है. पुलिस ने आरोपी को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है.
जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान 55 वर्षीय राजू उर्फ हंसू धुर्वे, 40 वर्षीय कमल्ती धुर्वे और छोटे भाई दिलीप धुर्वे के रूप में हुई है. परिवार का पांच वर्षीय सदस्य प्रशांत पर्टे गंभीर रूप से घायल मिला, जिसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है. घर के भीतर एक पालतू बिल्ली भी मृत पाई गई. आशंका है कि घटना के दौरान उसकी भी जान चली गई.
पड़ोसियों ने दी पुलिस को जानकारी
घटना का खुलासा तब हुआ जब गुरुवार दोपहर तक घर का दरवाजा खुला रहने और अंदर से कोई हलचल न होने पर पड़ोसियों को शक हुआ. उन्होंने कई बार आवाज लगाई, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. इसके बाद ग्रामीणों ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया. अंदर का दृश्य देख सभी स्तब्ध रह गए. फर्श और दीवारों पर खून के निशान थे और तीनों परिजन मृत अवस्था में पड़े थे. आरोपी दीपक वहीं पास में शांत बैठा मिला.
परिजनों और ग्रामीणों के मुताबिक, दीपक पढ़ाई में काफी तेज था और 12वीं कक्षा में टॉपर रहा था. पढ़ाई पूरी करने के बाद वह सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था. उसने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की भर्ती में भी प्रयास किया था, लेकिन चयन नहीं हो सका. लगातार असफलताओं के कारण वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा था. बताया जा रहा है कि पिछले चार-पांच वर्षों से वह मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का इलाज भी करा रहा था. हाल ही में वह नागपुर से चिकित्सकीय परामर्श लेकर लौटा था.
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में मानसिक तनाव और पारिवारिक परिस्थितियां संभावित कारणों के रूप में सामने आ रही हैं. हालांकि, हत्या के पीछे की वास्तविक वजह का खुलासा विस्तृत जांच और पूछताछ के बाद ही हो सकेगा. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य एकत्र किए हैं.
इस हृदयविदारक घटना से गांव में शोक और भय का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि परिवार सामान्य और शांत स्वभाव का था, इसलिए इस तरह की घटना की किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखने की अपील की है.




