सूरजकुंड मेला झूला हादसा: हरियाणा मानवाधिकार आयोग सख्त, DGP समेत कई आला अधिकारियों को नोटिस जारी

चंडीगढ़ : सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में 7 फरवरी की शाम सुनामी झूला टूटने के मामले में हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए पुलिस महानिदेशक, हरियाणा सरकार के आयुक्त एवं सचिव, विरासत एवं पर्यटन विभाग तथा उपाध्यक्ष, सूरजकुंड मेला प्राधिकरण, मुख्य विद्युत निरीक्षक, हरियाणा सरकार, फरीदाबाद जिला उपायुक्त को नोटिस जारी किया है। सभी से 4 सप्ताह के अंदर संबंधित रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। मामले में अगली सुनवाई 7 अप्रैल को होगी।
गौरतलब है कि सूरजकुंड मेला परिसर स्थित अम्यूजमैंट पार्क में लगा एक सुनामी झूला 7 फरवरी को शाम टूट गया था। उस दौरान बचाव कार्य में जुटे पलवल के एक इंस्पैक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई थी। साथ ही कई पुलिस कर्मी समेत करीब 13 लोग गंभीर घायल हो गए थे।
आयोग के असिस्टैंट रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोड़ा ने बताया कि मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा तथा दोनों सदस्यों कुलदीप जैन और दीप भाटिया को मिलाकर बने पूर्ण आयोग का मानना है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके सूरजकुंड शिल्प मेला में कई सुरक्षा खामियां थीं। आयोग का कहना है कि सूरजकुंड मेले में मानवाधिकार आयोग ने जागरूकता शिविर लगाया था। वहां आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा, दोनों सदस्यों कुलदीप जैन और दीप भाटिया एवं रजिस्ट्रार (न्यायिक) संजय कुमार खंडूजा भी जागरूकता शिविर में उपस्थित थे। वहां उन्होंने अनेक सुरक्षा संबंधी घटनाएं देखीं। फूड कोर्ट क्षेत्र के निकट तेज हवा के कारण एक अस्थायी प्रवेश द्वार गिर गया जिसमें 2-3 लोग घायल हुए। उसी समय गेट नंबर-दो के समीप, जो आयोग के जागरूकता शिविर के पास एक अस्थायी गेट असंतुलित होकर पास के स्टॉलों की ओर खतरनाक ढंग से झुक गया था। अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा एवं दोनों सदस्यों ने व्यक्तिगत रूप से पुलिस निरीक्षक जगदीश चंद्र से संपर्क किया और उसे गेट को हटवाया। इससे संभावित बड़ा हादसा टल गया।



