भिवानी। जिला नागरिक अस्पताल में थायराइड (टीएसएच) जांच की किट खत्म होने से पिछले ढाई माह से टेस्ट बंद है। इसके चलते रोजाना 100 से अधिक मरीज लैब से निराश लौट रहे हैं और निजी लैब में जांच कराने को मजबूर हैं। नया स्टॉक मंगवाने को लेकर स्वास्थ्य अधिकारी पत्राचार में उलझे हुए हैं।
अस्पताल में फिजिशियन की ओपीडी में पहुंचने वाले कई मरीजों को टीएसएच जांच के लिए लैब भेजा जाता है। विशेषकर महिलाएं थायराइड जांच के लिए अधिक पहुंच रही हैं। चिकित्सकों के अनुसार समय रहते जांच से बीमारी की शुरुआती अवस्था में ही उपचार संभव है। किट उपलब्ध न होने से मरीजों को बाहर निजी लैब में 350 से 400 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं, जबकि सरकारी अस्पताल में यह जांच निशुल्क होती है।
ये है टीएसएच जांच
टीएसएच (थायरॉइड उत्तेजक हार्मोन) परीक्षण रक्त जांच है जो पिट्यूटरी ग्रंथि द्वारा निर्मित हार्मोन के स्तर को मापती है। यह थायराइड ग्रंथि (टी3, टी4) के कार्य की निगरानी करता है। सामान्य रेंज (0.4-4.0 एमएलयू/एल) से अधिक स्तर हाइपोथायरायडिज्म (कम सक्रिय थायराइड) और कम स्तर हाइपरथायरायडिज्म (अतिसक्रिय थायराइड) का संकेत देता है। यह थायराइड विकारों के निदान का प्राथमिक परीक्षण है।
मैं पिछले कुछ दिनों से असहज महसूस कर रही थी। इसी कारण करीब चार माह पहले जिला नागरिक अस्पताल में थायराइड टेस्ट कराया था। वीरवार को दोबारा जांच के लिए आई थी। फिजिशियन से परामर्श के बाद लैब भेजा गया, लेकिन वहां स्टाफ ने बताया कि टीएसएच किट खत्म है और बाहर से जांच करानी होगी। निजी लैब में इसके लिए करीब 350 से 400 रुपये खर्च करने पड़ते हैं जबकि अस्पताल में यह जांच मुफ्त होनी चाहिए।
जिला नागरिक अस्पताल की लैब में थायराइड (टीएसएच) जांच नियमित रूप से हो रही है। यदि किट खत्म होने की सूचना दी गई है तो इस संबंध में लैब इंचार्ज डॉ. बबली से बात कर संज्ञान लिया जाएगा। किसी प्रकार की दिक्कत होने पर उसे तत्काल दूर कराया जाएगा।