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करनाल धान घोटाला: SIT की रडार पर बड़े अधिकारी! 5 करोड़ के घोटाले में कई मिलर और आढ़ती भूमिगत, जांच तेज

करनाल:  जिले में हुए करीब 20 दूसरी एसआईटी की ओर से पांच करोड़ रुपये के धान घोटाले में अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद कई मिलर और बड़े आढ़ती भूमिगत हैं। वहीं, एसआईटी निरीक्षकों की गिरफ्तारी के बाद अब बड़े अधिकारियों तक पहुंच सकती है। विभागीय सूत्रों का दावा है कि एसआईटी की जांच में आमने आया है कि गिरफ्तार किए गए निरीक्षकों ने अपने विभाग में रुपये देकर धान खरीद में अपनी ड्यूटी लगवाई थी। इस एंगल पर जांच चल रही है। अगर ऐसा पाया जाता है तो घोटाले में बड़े अधिकारियों की गिरफ्तारी होना तय है।

वहीं घोटाले में शामिल आढ़तियों, मिलर की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है लेकिन सभी अपने ठिकानों से भूमिगत हैं। वहीं, दूसरी ओर धान सीजन में ट्रांसपोर्ट का काम करने वाले कई लोगों ने अभी तक बिल भी क्लेम नहीं किए हैं। क्योंकि धान घोटाला किसी एक विभाग के या किसी एक अधिकारी की संलिप्ता से नहीं हो सकता।

इसमें मार्केट कमेटी, खरीद एजेंसी, मिलर, आढ़ती, ट्रांसपोर्टर सहित अन्य शामिल होते हैं। ऐसे में सभी जब एक साथ मिल जाते हैं तो भ्रष्टाचार होता है। मामले में एएसपी कांची सिंघल के नेतृत्व में बनाई एसआईटी ने छह फरवरी को वेयर हाउस के सहायक तकनीशियन प्रदीप, हैफेड के असंध प्रबंधक प्रमोद, निसिंग प्रबंधक दर्शन सिंह, खाद्य आपूर्ति के तरावड़ी मंडी के निरीक्षक देवेंद्र और इंद्री मंडी के निरीक्षक रणधीर को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पुलिस की आरोपियों से धान घोटाले को लेकर अहम जानकारी मिली है। उसी जानकारी के आधार पर धान घोटाले में पुलिस की जांच का दायरा बढ़ गया है। धान सीजन से जुड़े विभागों के अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है।

नवंबर माह में करनाल की नई अनाज मंडी में हुए फर्जी गेटपास मामले में एसआईटी मंडी सुपरवाइजर पंकज तुली और दो कंप्यूटर ऑपरेटर अंकुश व अंकित को गिरफ्तार कर चुकी है। उनसे 5.25 लाख रुपये की बरामदगी हुई थी। फिर नरेश गर्ग नामक आढ़ती को पकड़ा था। जबकि जनवरी में आढ़ती एंव मिलर देवेंद्र को गिरफ्तार करके दो लाख रुपये की बरामदगी हुई थी। वहीं वीरवार को पुलिस ने मामले में दो आढ़तियों महावीर और सुरेंद्र की गिरफ्तारी की थी।

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