रीवा में महाशिवरात्रि पर वर्ल्ड रिकॉर्ड की तैयारी! 31 फीट ऊंचे त्रिशूल के साथ निकली भोले की बारात, डिप्टी सीएम भी बने बाराती

रीवा में महाशिरात्रि के पावन पर्व पर भगवान शिव की विधि विधान से पूजा अर्चना के बाद बैंड-बाजा और घोड़ों के साथ उनकी बारात निकाली गई. प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल हुए शिव बारात में शामिल हुए. इस दौरान 31 फीट ऊंचा और 551 किलो वजन का विंध्य का सबसे बड़ा त्रिशूल मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा. विशालकाय त्रिशूल को नगर भ्रमण के बाद पूरे विधि विधान और धूमधाम से रीवा के मानकेश्वर धाम मंदिर में स्थापित किया जाएगा.
महाशिवरात्री के पर्व पर जहां एक ओर मंदिरों में भगवान शिव के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. वही दूसरी ओर शिव भक्तों द्वारा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी शहर में भगवान शिव की बारात निकाली गई. शिव बारात रीवा के बैजू धर्मशाला से निकाली गई, जहां पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल पहुंचे और विधि विधान से पूजा अर्चना की.
महिलाएं और बच्चे बने बाराती
शिव बारात में भारी संख्या में महिलाएं, युवक- युवतियां और छोटे बच्चे शामिल हुए. बैंड- बाजा और घोड़ों के साथ शहर में बारात निकली गई. इस बारात में काफी संख्या में शिव भक्त मौजूद रहे. शिव के भक्तों का बारात में गजब का उत्साह रहा. बारात में नंदी भी दिखे और भक्त भूत-प्रेत की वेशभूषा में नजर आए. शिव बारात का जगह जगह स्वागत किया गया. इस अवसर पर जगह- जगह भंडारे का भी आयोजन किया गया था.
आयोजन समित की ओर से हर साल शिव बारात में कुछ न कुछ खास किया जाता है. 5100 किलो खिचड़ी और विश्व के सबसे बड़े नगाड़े के बाद अब आयोजन समित द्वारा विंध्य का सबसे बड़ा त्रिशूल तैयार कराया गया है. यह त्रिशूल 31 फीट ऊंचा और 551 किलो वजन का है, जो लोहे की धातु से निर्मित है. यह त्रिशूल आस्था और कला का अद्भुत संगम है.
इस बार शिव बारात में यह त्रिशूल मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा. नगर भ्रमण के बाद पूरे विधि विधान और धूमधाम से इस त्रिशूल को रीवा को कोठी कंपाउंड स्थित मानकेश्वर धाम मंदिर में स्थापित किया जाएगा.




