बवानीखेड़ा। प्रशासनिक उदासीनता के चलते बवानीखेड़ा के नागरिक अस्पताल की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। अस्पताल परिसर में पिछले पांच माह से दूषित पानी जमा है जिससे अस्पताल स्टाफ के साथ-साथ दाखिल मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
हालात इतने खराब हैं कि दूषित पानी जच्चा-बच्चा वार्ड के बिल्कुल नजदीक भरा हुआ है जहां कीट-पतंगों के साथ-साथ बत्तखों ने भी डेरा डाल रखा है। इससे गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की सेहत पर खतरा मंडरा रहा है।
रात के समय दूषित पानी से निकलने वाले कीट-पतंगे वार्डों तक पहुंच जाते हैं, वहीं लंबे समय से जमा पानी की बदबू भी मरीजों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। मंगलवार को स्थिति और गंभीर हो गई जब अस्पताल के मुख्य गेट पर भी सीवर का पानी जमा हो गया।
इस कारण मरीजों को जांच के लिए अस्पताल पहुंचने के लिए पानी से होकर गुजरना पड़ा। खासकर बुजुर्ग मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मंगलवार को संवाद न्यूज एजेंसी के संवाददाता ने नागरिक अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य गेट पर सीवर का पानी जमा पाया गया।
लोगों ने बताया कि अस्पताल परिसर में करीब पांच माह से पानी भरा हुआ है और मंगलवार को गेट पर भी सीवर ओवरफ्लो हो गया। इसके अलावा अस्पताल का भवन भी खस्ताहाल स्थिति में है जिसे स्वास्थ्य विभाग की ओर से जर्जर घोषित किया जा चुका है लेकिन अब तक नए भवन का निर्माण शुरू नहीं हो पाया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नेता केवल फोटो खिंचवाकर चले जाते हैं लेकिन महीनों से जमा पानी की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा। लंबे समय से अस्पताल के नए भवन का आश्वासन दिया जा रहा है मगर मौजूदा हालात देखकर ऐसा नहीं लगता कि अस्पताल की सुध लेने वाला कोई है। पिछली योजना में अस्पताल के कुछ हिस्से का निर्माण जरूर हुआ था, लेकिन फिलहाल परिसर में जमा दूषित पानी नए भवन की नींव को भी नुकसान पहुंचा रहा है। लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द अस्पताल परिसर से पानी निकलवाने की मांग की है।