हरियाणा में पेंशन कटौती पर छिड़ा संग्राम, 14 फरवरी को सोनीपत में दीपेंद्र हुड्डा का बड़ा प्रदर्शन

रोहतक: हरियाणा में मनरेगा के साथ-साथ अब पेंशन काटने के मुद्दे को लेकर विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है. रोहतक लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने ऐलान किया है कि बुढ़ापा पेंशन काटने के खिलाफ 14 फरवरी को सोनीपत में विशाल प्रदर्शन होगा. हुड्डा ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार अब बुजुर्गों के हक व सम्मान पर प्रहार कर रही है. जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा.
विपक्ष का बड़ा आरोप: दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि “मुख्यमंत्री नायब सैनी ने करीब 4 माह पहले बुढ़ापा पेंशन 200 रुपये बढ़ाने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक वो मिल नहीं पाई है. सरकार जिला-वार आंकड़े जारी करके बताएं कि कितने बुजुर्गों की पेंशन काटी गई है. सरकार 3 लाख रुपये आय सीमा के कैप लगाकर लाखों बुजुर्गों के बुढ़ापे का सम्मान बुढ़ापा पेंशन काटने की तैयारी में है. अनुमान के मुताबिक, ऐसा होने पर करीब 72 हजार बुजुर्गों की पेंशन कट जाएगी”.
“सड़क से लेकर संसद तक लड़ेगी कांग्रेस”: हुड्डा ने कहा कि “बीजेपी ने चुनाव के बाद पहले गरीबों के राशन कार्ड काटे और अब प्रदेश में बुजुर्गों की पेंशन काटी जा रही है. बुढ़ापा पेंशन कोई भीख नहीं है. यह बड़े बुजुर्गों का मान-सम्मान है. वे बुजुर्गों की पगड़ी झुकने नहीं देंगे. सड़क से लेकर संसद और विधानसभा तक इसके खिलाफ लड़ाई लड़ी जाएगी. साथ ही हुड्डा ने राज्य सरकार की खेल नीति की भी आलोचना की और कहा कि बीजेपी ने खेल नीति को खत्म ही कर दिया है. खिलाड़ी देश का होता है और पदक जीतकर देश का नाम रोशन करता है. इसलिए खेल और खिलाड़ी को किसी भी राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए”.
“बीजेपी ने खेल नीति खत्म की”: हुड्डा ने कहा कि “हरियाणा कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और ओलंपिक में 50 फीसदी मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन करता है. लेकिन कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 के आयोजन की मेजबानी के लिए केंद्र सरकार ने हरियाणा की बजाय गुजरात का चनय किया है. जिसमें गुजरात में लाखों करोड़ का निवेश होगा. वहीं, पर खेल ढांचा तैयार होगा. अगर हरियाणा को सह-मेजबान राज्य बनाया जाए, तो खेल का ढांचा,स्टेडियम और डेवलपमेंट पर लाखों करोड़ का खर्च होगा. खेलो इंडिया में भी हरियाणा को सबसे कम बजट दिया गया है”.




