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थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पुंछ में पुराने साथी को लगाया गले, रिटायर कैप्टन को ‘वेटरन अचीवर अवॉर्ड’ से किया सम्मानित

थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी जम्मू-कश्मीर दौरे पर हैं. शनिवार (7 फरवरी) को उन्होंने पुंछ जिले में अग्रिम इलाकों का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने सीमा पर तैनात जवानों से मुलाकात की और उनकी तैयारियों की जानकारी ली. इसके साथ ही उन्होंने जवानों के अच्छे मनोबल और सतर्कता की सराहना की.

दौरे के दौरान जनरल द्विवेदी पुंछ के कामसर गांव भी पहुंचे. यहां उन्होंने 18 जम्मू-कश्मीर राइफल्स के सेवानिवृत्त सूबेदार (मानद कैप्टन) परवेज़ अहमद से मुलाकात की. यह मुलाकात खास थी, क्योंकि दोनों पहले एक साथ सेना में सेवा कर चुके हैं. जब साल 2002 से 2005 के बीच जनरल द्विवेदी बटालियन के कमांडिंग अफसर थे, तब सूबेदार परवेज़ अहमद उसी यूनिट में थे.

25 साल की सेवा के बाद हुए रिटायर

जानकारी के मुताबिक सूबेदार परवेज़ अहमद ने मार्च 1991 में सेना में भर्ती होकर मार्च 2019 में 25 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्ति ली. सेवा के दौरान उन्होंने अलग-अलग इलाकों में काम किया और कई बार प्रशिक्षण संस्थानों में जवानों को ट्रेनिंग भी दी.

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान की मदद

सेना से रिटायर होने के बाद भी सूबेदार परवेज़ अहमद समाज से जुड़े रहे. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उन्होंने स्थानीय स्तर पर जवानों की मदद की थी. उन्होंने जरूरी सामान पहुंचाने और स्थानीय जानकारी साझा करने में सहयोग किया. यह सब उन्होंने कठिन हालात में किया.

वेटरन अचीवर अवॉर्ड से हुए सम्मानित

सूबेदार परवेज़ अहमद के इस योगदान को देखते हुए सेना प्रमुख ने उन्हें वेटरन अचीवर अवॉर्ड से सम्मानित किया. इस मौके पर उनके परिवार के सदस्य, पूर्व सैनिक और आसपास के लोग भी मौजूद थे. इस दौरान इलाके के अन्य पूर्व सैनिक और स्थानीय लोग, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे उन सभी ने सेना प्रमुख से मुलाकात की.

पूंछ जैसे सीमावर्ती इलाकों में, जहां सेना और आम लोगों का रिश्ता बहुत करीब का होता है, यह दौरा बताता है कि सेवा खत्म होने के बाद भी सैनिकों और सेना का जुड़ाव बना रहता है. थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी दो दिन के दौरे पर बीते शुक्रवार को जम्मू पहुंचे थे.

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