हरियाणा

35 लाख उत्तर पुस्तिकाएं और सिर्फ 20 दिन: अब तक टेंडर नहीं, कैसे होगी बोर्ड परीक्षा?

भिवानी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं से ठीक पहले गंभीर असमंजस की स्थिति में फंसा नजर आ रहा है। परीक्षाएं शुरू होने में अब केवल 20 दिन शेष हैं लेकिन अब तक न तो उत्तर पुस्तिकाओं के प्रकाशन को मंजूरी मिल पाई है और न ही इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी हुई है। ऐसे में करीब 35 लाख से अधिक उत्तर पुस्तिकाओं का समय पर प्रकाशन और उन्हें परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने को लेकर बोर्ड की तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए हैं।

स्थिति इसलिए भी जटिल हो गई है क्योंकि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. पवन कुमार कार्यकाल पूरा होने के कारण 31 जनवरी को ही रिलीव हो चुके हैं। डॉ. पवन कुमार 28 फरवरी को अपने मूल पद से सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं इसलिए उनका जाना पहले से ही तय था। इसी बीच 25 फरवरी से शुरू होने वाली दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

बोर्ड की 25 फरवरी से आरंभ होने वाली दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं में करीब साढ़े पांच लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे जो लगभग 1300 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देंगे। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि उत्तर पुस्तिकाओं का प्रकाशन आखिर कब शुरू होगा और उन्हें समय रहते सभी परीक्षा केंद्रों तक कैसे पहुंचाया जाएगा। इस विषय में फिलहाल बोर्ड अधिकारी भी स्पष्ट स्थिति में नहीं हैं। बोर्ड सचिव का कहना है कि नेशनल ओपन स्कूल और सीबीएसई की तर्ज पर हरियाणा बोर्ड भी क्यूआर कोड वाली उत्तर पुस्तिकाओं के प्रयोग पर विचार कर रहा है जिनकी ऑन-स्क्रीन मार्किंग की जाएगी। हालांकि इस दिशा में अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका है।

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (एचबीएसई) द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए 10वीं और 12वीं की वार्षिक बोर्ड परीक्षाएं 25 फरवरी से शुरू होंगी। 12वीं की परीक्षाएं 25 फरवरी से और 10वीं की परीक्षाएं 26 फरवरी से आयोजित की जाएंगी। 10वीं की परीक्षाएं 20 मार्च को और 12वीं की परीक्षाएं एक अप्रैल को समाप्त होंगी। इस बार लगभग 5,21,000 से अधिक छात्र इन परीक्षाओं में शामिल हो रहे हैं। सभी परीक्षाएं एक ही सत्र में दोपहर साढ़े 12 बजे से दोपहर बाद साढ़े तीन बजे तक होंगी।

बोर्ड ने इस बार प्रश्न पत्रों की तरह उत्तर पुस्तिकाओं में भी क्यूआर कोड लगाने की योजना बनाई थी लेकिन प्रक्रिया आगे बढ़ने से पहले ही बोर्ड कर्मचारियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल और भूख हड़ताल का एलान कर दिया था। हड़ताल तीन दिन तक चली जिसके बाद चौथे दिन बोर्ड की ओर से पुरानी पद्धति से ही उत्तर पुस्तिकाओं का प्रकाशन कराने का आश्वासन दिया गया और आंदोलन समाप्त करा दिया गया।

अब जबकि बोर्ड चेयरमैन डॉ. पवन कुमार 31 जनवरी को रिलीव होकर अपने मूल पद पर लौट चुके हैं और सरकार नए चेयरमैन की नियुक्ति की प्रक्रिया में जुटी है ऐसे में उत्तर पुस्तिका प्रकाशन का मामला अधर में लटका हुआ है। यह फाइल अब भी चेयरमैन की टेबल पर मंजूरी के इंतजार में पड़ी है। न तो क्यूआर कोड को लेकर निर्णय हो पाया है और न ही पुरानी पद्धति से उत्तर पुस्तिकाओं के प्रकाशन की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया गया है। परिणामस्वरूप बोर्ड अधिकारी अब इस मामले में उच्चाधिकारियों के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं।

परीक्षा से करीब एक माह पहले उत्तर पुस्तिकाओं का प्रकाश जरूरी

बोर्ड सूत्रों की मानें तो परीक्षाएं आरंभ होने से करीब एक माह पहले ही उत्तर पुस्तिकाओं का प्रकाशन अनिवार्य है क्योंकि उत्तर पुस्तिका प्रकाशन के बाद इनका मुख्यालय की संबंधित शाखा में पंजीकरण होता है, जिससे प्रत्येक उत्तर पुस्तिका को एक नंबर मिलता है। जिससे परीक्षार्थी की पूरी डिटेल भी परीक्षा देते समय भरी जाती है। इसी तरह इसी उत्तर पुस्तिका की परीक्षा समाप्ति पर जांच भी गोपनीय शाखा के माध्यम से कराई जाती है। अगर एजेंसी टेंडर अलॉट होने के बाद इनका अब प्रकाशन भी कराती है तो निश्चित तौर पर देरी से ही उत्तर पुस्तिकाएं बोर्ड मुख्यालय तक पहुंचेंगी हो सकता है कि ये परीक्षाओं के बीच में भी प्रकाशित होती रहें।

हमारा काम समय पर हो जाएगा। इस बार हो सकता है कि सीबीएसई और नेशनल ओपन स्कूल पायलेट करना चाह रहा है। क्यूआर कोड वाली उत्तर पुस्तिकाओं की ऑन स्क्रीन मार्किंग होंगी। वहीं पारंपरिक उत्तर पुस्तिकाएं तो समय पर आ ही जाएंगी। हमारे पास दो से तीन दिन का स्टॉक तो अभी हैं। परीक्षा आरंभ होने से दो दिन पहले ही 90 प्रतिशत तक स्टॉक आ जाएगा।

Related Articles

Back to top button