सुरक्षा पर बड़ा सवाल: 5 महीने में दूसरी बार दुस्साहस, गोलियों की गूंज से इलाके में फैली दहशत

भिवानी। न्यायालय परिसर में ठीक पांच माह पहले 4 सितंबर 2025 को सरेआम फायरिंग की घटना को लोग भूले भी नहीं थे कि मंगलवार सुबह एक बार फिर बदमाशों ने दुस्साहस दिखाते हुए सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी। एकाएक गोली चलने की आवाज सुनकर अधिवक्ताओं, टाइपिस्टों और न्यायालय संबंधी कामकाज से आए लोगों में दहशत का माहौल हो गया। पुलिस ने बदमाशों का पीछा करने के साथ ही विशेष कमांडो को बुलवाकर न्यायालय परिसर में तैनात किया, वहींं कोर्ट परिसर की ओर आने वाले रास्तों को सीलकर गहन जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ ही 28 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पुलिस अधीक्षक ने बदमाशों को पकड़ने में सूझबूझ दिखाने वाले पुलिस कर्मचारियों को सम्मानित किए जाने की घोषणा की है।
गहन जांच, संदिग्धों से पूछताछ
साजिश रच पहुंचे थे कोर्ट परिसर के बाहर
प्लॉट के पैसों के लेन-देन में टूटी दोस्ती
करीब दो साल पहले प्लॉट के रुपयों के लेन-देन को लेकर हिस्ट्रीशीटर विनोद उर्फ बिन्नू ठाकुर और ट्रक यूनियन के प्रधान व प्रॉपर्टी डीलर अरविंद उर्फ कालिया के बीच दोस्ती में आई खटास गैंगवार में बदल चुकी है। इसी रंजिश में बिन्नू गैंग के गुर्गों ने अरविंद पर गोली चलाई। साइबर क्राइम टीम हिरासत में लिए गए संदिग्ध लोगों के मोबाइल फोन का डेटा और कॉल डिटेल खंगाल रही है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार हिस्ट्रीशीटर बिन्नू पर आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास और फायरिंग से जुड़े 12 दर्ज हैं। वहीं अरविंद उर्फ कालिया पर आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास सहित दो मामले दर्ज हैं। आर्म्स एक्ट के मामले में अरविंद जेल गया था और चार दिन पहले ही जमानत पर बाहर आया है।
जिले में सक्रिय गैंग को खत्म करने के लिए पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है। इस मामले में भी गैंग के अधिकतर गुर्गे पहले से जेल में हैं। कुछ बदमाश जमानत पर बाहर हैं जिन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। बिन्नू और अरविंद हिस्ट्रीशीटर हैं इसलिए इन्हें रोजाना संबंधित थानों में हाजिरी देनी होती है। वारदात में जो भी शामिल हैं, उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।




