हरियाणा

कुरुक्षेत्र में राहुल गांधी ने संगठन नहीं, ‘सिर फूटने’ से बचने की ट्रेनिंग दी: पूर्व मंत्री करण दलाल का तंज

भिवानी। हरियाणा के पूर्व कृषि मंत्री जेपी दलाल ने राहुल गांधी और हरियाणा कांग्रेस पर करारा हमला करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र में राहुल गांधी ने कांग्रेस नेताओं को संगठन मजबूत करने के बजाय सिर फूटने से बचाने की ट्रेनिंग दी। उन्होंने केंद्र सरकार के आम बजट और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य की सराहना करते हुए कांग्रेस पर वोट चोरी के आरोपों को लेकर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया।

वोट चोरी को लेकर देश और प्रदेश की राजनीति गरमाई हुई है। राहुल गांधी जहां देशभर में वोट चोरी के आरोप लगा रहे हैं वहीं हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा प्रदेश में वोट चोरी की सरकार होने का दावा कर रहे हैं। इसी बीच भिवानी पहुंचे पूर्व कृषि मंत्री जेपी दलाल ने राहुल गांधी और भूपेंद्र हुड्डा के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। जेपी दलाल ने केंद्र के आम बजट को लेकर कहा कि यह बजट किसी एक या दो वर्ग के लिए नहीं बल्कि समाज के हर वर्ग के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2027 तक विकसित भारत का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं और यह बजट उसी दिशा में देश को आगे बढ़ाने वाला होगा।

राहुल गांधी और हरियाणा कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों पर दलाल ने कहा कि हरियाणा कांग्रेस को खुद भी पता है कि प्रदेश में कोई वोट चोरी नहीं हुई है। कांग्रेस केवल राहुल गांधी के निर्देश पर ऐसे आरोप लगाकर जनता को भ्रमित कर रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को यह आभास हो चुका है कि देश में अगले 20-30 वर्षों तक भाजपा की सरकार रहेगी, इसलिए वह भ्रम फैलाकर अपना राजनीतिक अस्तित्व बनाए रखना चाहते हैं। कुरुक्षेत्र में हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के कांग्रेस जिला अध्यक्षों को दी गई ट्रेनिंग पर तंज कसते हुए जेपी दलाल ने कहा कि राहुल गांधी ने संगठनात्मक मजबूती के बजाय खेल के दांव-पेंच सिखाए। कांग्रेस में आपसी खींचतान और गुटबाजी है, इसलिए राहुल गांधी ने अपने नेताओं को संभावित लड़ाई की स्थिति में खुद को बचाने के गुर सिखाए हैं।

एसवाईएल मुद्दे पर हरियाणा और पंजाब के बीच चल रही खींचतान पर प्रतिक्रिया देते हुए जेपी दलाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने दोनों राज्यों को आपसी तालमेल से समस्या सुलझाने के निर्देश दिए हैं। यदि पंजाब नहीं मानता है तो सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला हरियाणा के पक्ष में आएगा।

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