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हरियाणा के किसानों की चांदी! औषधीय फसलों की खेती के लिए बनेगी सरकारी योजना, CM सैनी ने दिए बड़े निर्देश

चंडीगढ़: हरियाणा में औषधीय पौधे (हर्बल खेती) उगाने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने और मदद के लिए कार्ययोजना तय होंगी। औषधीय पौधे उगाने वाले किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया है। राज्य में औषधीय पौधों की खेती के लिए उपयोग की जाने वाली भूमि सहित किसानों की संख्या का ब्योरा भी विस्तार से तैयार किया जाएगा जिससे ऐसे किसानों को एक क्लस्टर में लाया जा सके।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य हर्बल सहकारी संघ के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर्बल फेड के अधिकारी औषधीय पौधे उगाने वाले किसानों के लिए ऐसी कार्य योजना तैयार करें जिससे हर्बल की खेती करने वाले किसानों को भी प्रोत्साहित किया जा सकें। बैठक में भी स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 4557 हेक्टेयर औषधीय पौधों की खेती की जा रही है जिनमें आंवला, एलोविरा, स्टीविया, मुलेठी, शतावरी, तुलसी, अश्वगंधा, हरड़, बेलपत्र, हल्दी आदि शामिल हैं।

आयुर्वेदिक दवाएं रोजगार सृजन से जुड़ी हुई हैं और स्वस्थ वातावरण के साथ किफायती भी हैं। इसलिए इनकी सरलीकृत खरीद प्रक्रिया और व्यापार करने के लिए सुधार अनिवार्य है। हर्बल फेड ने किसानों के लिए ई औषधि पोर्टल लॉन्च किया गया है जिस पर अब तक 4500 किसानों ने 118 आयुर्वेदिक औषधि निर्माताओं ने पंजीकरण किया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी आदेश दिए हैं कि अधिकारी अलग-अलग प्रकार के औषधीय पौधों की खेती का ब्यौरा क्षेत्रफल अनुसार तैयार करें।

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