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बैंक हड़ताल से भिवानी में 300 करोड़ का कारोबार ठप, मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे कर्मचारी; कामकाज पूरी तरह बाधित

भिवानी: जिले में पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह सहित चार सूत्रीय मांगों को लेकर यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक एम्प्लाइज के आह्वान पर आज देशभर में बैंक कर्मचारियों व अधिकारियों ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल की. इस हड़ताल में ऑल इंडिया बैंक एम्प्लाइज समेत 9 बैंकिंग यूनियनों ने संयुक्त रूप से भाग लिया. भिवानी जिले में सभी राष्ट्रीयकृत बैंक बंद रहे, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.बैंक कर्मचारियों ने बैंकों के बाहर दरी बिछाकर प्रदर्शन किया और बैनर लेकर शहर के प्रमुख चौराहों तक रोष मार्च निकाला.

बैंकिंग कार्य रहे ठप: इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह प्रभावित रहीं. चेक क्लियरेंस, नकद लेन-देन, लोन फाइलें और अन्य जरूरी बैंकिंग कार्य ठप रहे. बैंक यूनियनों के अनुसार अकेले भिवानी जिले में ही करीब 200 से 300 करोड़ रुपये का बैंकिंग कारोबार प्रभावित हुआ. हड़ताल में शामिल कर्मचारियों ने केंद्र सरकार से लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की.

चार प्रमुख मांगों को लेकर सड़क पर उतरे कर्मचारी: प्रदर्शन के दौरान ऑल इंडिया बैंक एम्प्लाइज के जिला प्रधान शक्ति सिंह कौशिक ने कहा, “पिछले करीब 10 वर्षों से हमें पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया.हमारी मांग है कि सप्ताह में शनिवार और रविवार को पूर्ण अवकाश लागू किया जाए. बैंकिंग क्षेत्र में नियमित भर्ती न होने के कारण अप्रेंटिस और अस्थायी कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है, जिससे कार्य की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है.ठ

पुरानी पेंशन और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की मांग: वहीं, प्रदर्शन कर रही बैंक कर्मचारी रेखा ने कहा, “हमारी प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना की बहाली और कर्मचारियों के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं शामिल हैं. लगातार बढ़ते कार्यभार के बीच कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है. यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 12 जनवरी को फिर से हड़ताल की जाएगी, जो आगे चलकर अनिश्चितकालीन आंदोलन में बदल सकती है.”

हड़ताल के दौरान बैंक कर्मचारियों ने माना कि हड़ताल के कारण आम लोगों के जरूरी बैंकिंग कार्य प्रभावित हुए हैं. इसे लेकर शक्ति सिंह कौशिक ने कहा, “हमें इस बात का एहसास है कि हड़ताल से जनता को परेशानी हुई, लेकिन कर्मचारियों की जायज मांगों पर सरकार को गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए और जल्द समाधान निकालना चाहिए.”

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