अलंकार अग्निहोत्री का चौंकाने वाला बयान: ‘बर्थ सर्टिफिकेट के साथ ही मेरा डेथ सर्टिफिकेट साइन हो चुका था’, डर के सवाल पर दिया बेबाक जवाब

यूजीसी एक्ट और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान को लेकर यूपी (बरेली) के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा दे दिया है. इसके बाद राज्य की सियासत में घमासान मच गया है. अलंकार ने यूजीसी एक्ट को काला कानून बताया है. इसके साथ ही उन्होंने संतों के अपमान पर गहरी चिंता भी जताई है. इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर भी हमला बोला.
अलंकार ने बीजेपी को ब्राह्मण और संत विरोधी पार्टी बताया है. उन्होंने ये भी कहा कि किसी को शंकराचार्य पर सवाल उठाने का अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि माघ मेले में संतों के साथ अन्याय हुआ. बटुकों की शिखा खींची गई. उन्हें गिराकर पीटा गया. अलंकार ने बीजेपी को ‘विदेशी जनता पार्टी’ बताया है. अलंकार 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी हैं.
राज्यपाल को भेजा चार पन्नों का लिखित इस्तीफा
इन सभी घटनाओं से व्यथित होकर उन्होंने लिखित चार पन्नों का इस्तीफा राज्यपाल को भेजा है. शंकराचार्य के अपमान के मुद्दे पर अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि जब प्रशासन वर्ग के लोग ही ब्राह्मणों पर इस तरह का अत्याचार करेंगे, तो दुसरे वर्गों को आप क्या मैसेज देना चाहते हैं, क्या ब्राह्मणों का नरसंहार करा दिया जाए.
इसके अलावा जो यूजीसी का जो रेगुलेशन आया, इसमें सामान्य वर्ग के बच्चों को आपने स्वघोषित अपराधी मान लिया. अगर कोई सामान्य वर्क का बच्चा पढ़ने में अच्छा है तो उस पर कोई भी फर्जी आरोप लगाकर संस्था/समिति शोषण कर सकती है. सरकार क्या चाहती है सामान्य वर्ग के बच्चे आत्महत्या करें.
कॉरपोरेट कर्मचारी की तरह काम कर रहे MP-MLA
अलंकार ने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था करने जा रही है कि समाज जाति जाति में बंट जाए. कुछ ही समय में एक सिविल वॉर की स्थिति पैदा हो जाएगी. इस दौरान उन्होंने ब्राह्मण वर्ग के एमपी-एमएलए पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि हमारे जनप्रतिनिधि जो हमारा सरनेम लेकर घूम रहे हैं, जो कॉरपोरेट कर्मचारी की तरह काम कर रहे हैं, उन्होंने चुप्पी साध रखी है. वे सभी आलाकमान पर निर्भर हैं.
‘मरने का कोई भय नहीं है, जब जाना होगा चले जाएंगे’
वहीं, जब अलंकार से ये पूछा गया कि क्या आपको अपने इस कदम से कोई भय नहीं है क्योंकि आप सीधे सरकार और उसके तंत्र पर सवाल उठा रहे हैं. इस पर अलंकार ने कहा कि बर्थ सर्टिफिकेट के साथ ही मेरा डेथ सर्टिफिकेट भी साइन हो चुका था. मरने का कोई भय नहीं है. जब जाना होगा चले जाएंगे. मैं कोई डरने वाला नहीं हूं.
उन्होंने सरकार पर भेदभाव भी लगाया. साथ ही उन्होंने ये भी कहा वो जिन अधिकारियों के साथ काम कर रहे थे, वहां ये सारी चीजें नहीं दिखी. लेकिन उनके बैचमेट्स जो थे, वहां भेदभाव की बातें हैं. अलंकार 2019 के पीसीएस अधिकारी हैं. वो IIT-BHU से बीटेक हैं.




