कौन हैं फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता धनखड़? जिन्होंने गणतंत्र दिवस 2026 पर महामहिम राष्ट्रपति के साथ फहराया तिरंगा

चंडीगढ़: देश आज 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है और इस खास अवसर पर कर्तव्य पथ पर खास तस्वीर भी देखने को मिली. देश की महामहिम द्रौपदी मुर्मू ने जिस वक्त ध्वजारोहण किया, उस समय उनके साथ भारतीय वायुसेना की युवा अधिकारी फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता धनखड़ मौजूद रहीं. ये पल पूरे देश के लिए गौरव का क्षण है. अक्षिता हरियाणा के झज्जल जिले में कसनी गांव की रहने वाली हैं. अक्षिता के परिवार की चार पीढ़ियां सेना में सेवारत रही हैं और वर्तमान में चौथी पीढ़ी की सदस्य अक्षिता को कर्तव्य पथ पर परेड का नेतृत्व करते देख परिजन काफी उत्साहित हैं.
बचपन से देखा एक ख्वाब: फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता धनखड़ ने बचपन से अपने पिता को गणतंत्र दिवस परेड से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेते देखा, उसी समय से अक्षिता ने भी वर्दी पहनकर देश के लिए कुछ करने का सपना देखा. बचपन में टीवी पर परेड देखना उनके लिए सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि एक सपना था जो बाद में लक्ष्य बना और आज कर्तव्य पथ पर वो सपना हकीकत में पूरा भी किया है.
मां को बेटी पर गर्व: अक्षिता की मां सुनीता धनखड़ टीचर हैं. उन्होंने बताया कि “बेटी शुरूआत से पढ़ाई में काफी होनहार थी. वो जीवन में अपनी हर जिम्मेदारी को अच्छे से समझती आई. यहां तक कि स्कूलिंग के समय भी जब कोई कोई डाउट होता तो, वो समय की परवाह नहीं करती थी. भले ही रात के दो क्यों ना बजे हों, लेकिन वो पुस्तकों की मदद से अपने डाउट क्लियर करने के बाद ही सोती थी. मैं भगवान का शुक्रिया अदा करती हूं कि अक्षिता को मेरी गोद में डाला.”
परिजनों के लिए खुशी की बात: सुनीता धनखड़ ने बताया कि “उनके परिवार की चार पीढ़ियां सेना में सेवारत रही हैं. उनके पति नरेंद्र कुमार धनखड़ भी एयरफोर्स से 57 वर्ष की आयु में ऑनरी फ्लाइंग ऑफिसर के पद से सेवानिर्वित हुए”. इस दौरान सुनीता ये बताते हुए काफी भावुक हो गई कि उनके पति का 24 नवंबर 2025 को ब्रेन हेमरेज से स्वर्गवास हो गया. वो भी उस समय जब बेटी अक्षिता गणतंत्र दिवस की परेड की तैयारी कर रही थी. सुनीता ने कहा कि “यदि आज उनके पति बेटी को कर्तव्य पथ पर परेड का नेतृत्व करते देखते तो बड़े खुश होते”.
अक्षिता का कठिन परिश्रम: अक्षिता ने अपने सपने को साकार करने के लिए एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट यानी AFCAT की तैयारी की. अक्षिता की कड़ी मेहनत रंग लाई और यह परीक्षा पास कर ली. जून 2023 में उन्हें भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में कमीशन मिला. यह पल उनके और उनके परिवार के लिए गर्व से भरा था. सेवा के दौरान उनकी मेहनत, अनुशासन और काम के प्रति ईमानदारी को देखते हुए उन्हें जल्द ही फ्लाइट लेफ्टिनेंट के पद पर पदोन्नत किया गया.




