‘अपने आका के इशारे पर नाच रहा चुनाव आयोग!’ ममता बनर्जी ने ECI पर साधा निशाना, लगाया पक्षपात का गंभीर आरोप

पश्चिम बंगाल में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसको लेकर सभी राजनीतिक दल तैयारियों में जुटे हुए हैं. हालांकि चुनाव से पहले ही सूबे की सियासत गरमा गई है. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी SIR को लगातार बीजेपी और चुनाव आयोग पर हमलावर हैं. इस बीच उन्होंने एक बार फिर से आयोग पर तीखा हमला किया है और बीजेपी के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया है. उन्होंने मतदाता दिवस मनाने पर चुनाव आयोग को घेरा है.
मुख्यमंत्री ने रविवार को चुनाव आयोग द्वारा राष्ट्रीय मतदाता दिवस के उत्सव को “दुखद तमाशा” बताते हुए उस पर भाजपा के इशारे पर विपक्ष को कुचलने और देश के लोकतंत्र की नींव को नष्ट करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अपने आका की आवाज बनकर लोगों के मतदान अधिकारों को छीनने में लगा हुआ है. उन्होंने कहा कहा कि बीजेपी जो उनका आका है, के इशारे पर वे विपक्ष को कुचलने और भारतीय लोकतंत्र की नींव को नष्ट करने में लगे हैं, और फिर भी उनमें मतदाता दिवस मनाने की हिम्मत है.
चुनाव आयोग पर भड़कीं सीएम ममता
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है. जिसमें उन्होंने लिखा ‘भारत निर्वाचन आयोग आज राष्ट्रीय मतदाता दिवस मना रहा है, और यह कितना दुखद तमाशा है! आयोग अपने आका की आवाज बनकर लोगों के मतदान के अधिकार छीनने में व्यस्त है और फिर भी मतदाता दिवस मनाने की हिम्मत कर रहा है! मैं आज उनके इस आचरण से बेहद दुखी और परेशान हूं’.
‘बीजेपी के पक्ष में विपक्ष को कुचल रहा ECI’
उन्होंने आगे कहा ‘ माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का पालन करने और लोगों के लोकतांत्रिक मतदान अधिकारों की रक्षा के लिए नियमों और मानदंडों के अनुसार कार्य करने के बजाय,चुनाव आयोग तार्किक विसंगति के नाम पर नए-नए बहाने ढूंढ रहा है ताकि लोगों को परेशान कर सके और उनके चुनावी अधिकारों से उन्हें वंचित कर सके!. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग बीजेपी के पक्ष में विपक्ष को कुचल रहा है और भारत के लोकतंत्र की नींव को नष्ट कर रहा है.और फिर भी मतदाता दिवस मनाने की हिम्मत कर रहे हैं!!
मुख्यमंत्री चुनाव आयोग पर पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को अनुचित जल्दबाजी में आयोजित करने का आरोप लगाती रही हैं. वो लगातार चुनाव आयोग पर बीजेपी के इशारे पर काम करने का आरोप लगा रही हैं.
‘लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा’
मुख्यमंत्री ने आगे कहा ‘ECI, आप आज अभूतपूर्व तरीके से लोगों को प्रताड़ित कर रहे हैं.आपकी यातनाओं के कारण 130 से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है. क्या आप 85, 90, 95 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों और यहां तक कि शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों को भी, जिस तरह से आप कर रहे हैं, अपने पहचान पत्र साबित करने के लिए अपने समक्ष उपस्थित होने के लिए बुला सकते हैं? इस प्रकार के अवैध दबाव से उत्पन्न तनाव आत्महत्याओं और मौतों की एक श्रृंखला को जन्म दे रहा है, और फिर भी आप अपने राजनीतिक आकाओं के इशारे पर ऐसा करना जारी रखे हुए हैं. आपने इसे नागरिकों, विशेष रूप से अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जातियों और जनजातियों से संबंधित लोगों के लिए एनआरसी का परीक्षण बना दिया है’.
पोस्ट के आखिर में ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का उत्सव होते हैं. लेकिन आपका पक्षपातपूर्ण आचरण और एकतरफा अवैधताएं, उत्पीड़न को और बढ़ाने के लिए सूक्ष्म पर्यवेक्षकों की तैनाती, लोगों को मौत के मुंह में धकेलना हमारे लोकतंत्र को नष्ट कर रहा है. उन्होंने कहा कि आज आपको मतदाता दिवस मनाने का कोई अधिकार नहीं है!.




