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ईरान का परमाणु मिशन: अमेरिका की नई रिपोर्ट ने उड़ाई इजराइल की नींद, क्या मिडिल ईस्ट में शुरू होने वाला है महायुद्ध?

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. पिछले दिनों ईरान में विरोध प्रदर्शन हुए थे. इन प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई और कई को हिरासत में लिया गया. मौत के बढ़ते आंकड़ों को लेकर लगातार अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी. इसी के बाद अब दोनों देशों के बीच की दरार बढ़ती जा रही है. साथ ही एक बार फिर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका ने बड़ा खुलासा किया है.

अमेरिका के रक्षा मंत्रालय के डाक्यूमेंट से बड़ा खुलासा हुआ है. डाक्यूमेंट में सामने आया है कि अमेरिकी हमले के बावजूद ईरान परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश करेगा. अमेरिका के रक्षा मंत्रालय ने नेशनल डिफेंस स्ट्रेटजी डाक्यूमेंट जारी किया है. उसमें ईरान को लेकर बड़ी बात कही गई है.

ईरान के परमाणु हथियार को लेकर खुलासा

इस डाक्यूमेंट में साफ लिखा है कि हाल ही में अमेरिका और इजराइल के सैन्य कार्रवाई से ईरान की सेना को नुकसान हुआ है और उसकी क्षमता को नुकसान हुआ है. लेकिन, ईरान अपनी सैन्य क्षमता को फिर से बढ़ाने की कोशिश करेगा. जो सबसे अहम बात है कि अमेरिका के ईरान के परमाणु पर हमले के बावजूद अमेरिका ये मानता है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश करेगा.

दस्तावेज में बताया गया है कि भले ही ईरान के सहयोगी गुट (प्रॉक्सी) काफी कमजोर हो चुके हों, लेकिन वो भी नष्ट हुई सुविधाओं और क्षमताओं को फिर से बनाने की कोशिश कर सकते हैं.

ईरान पर लगाए कई आरोप

साथ ही ईरान को लेकर डाक्यूमेंट में कहा गया है कि इस सच्चाई को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि ईरानी शासन के हाथ अमेरिकी नागरिकों के खून से सने हैं, वो अमेरिका के करीबी सहयोगी इजराइल को नष्ट करने की मंशा रखता है और ईरान और उसके सहयोगी अक्सर ऐसे क्षेत्रीय संकट पैदा करते हैं जो न सिर्फ इलाके में तैनात अमेरिकी सैनिकों की जान को खतरे में डालते हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र के शांतिपूर्ण और भविष्य की राह में भी रुकावट बनते हैं.

ईरान ने परमाणु कार्यक्रम को लेकर क्या कहा?

जहां एक तरफ अमेरिका कह रहा है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश करेगा. वहीं. दूसरी तरफ परमाणु कार्यक्रम को लकेर ईरान के सर्वोच्च नेता के भारत स्थित प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही का बयान सामने आया है. इलाही ने कहा, ईरान ने कभी परमाणु हथियार बनाने की इच्छा नहीं रखी, क्योंकि यह इस्लाम में हराम है. उन्होंने कहा कि ईरान परमाणु ऊर्जा का इस्तेमाल सिर्फ शांति और मानवीय जरूरतों के लिए करना चाहता है.

अंतरराष्ट्रीय संगठनों पर लगाए आरोप

एक इंटरव्यू में इलाही ने कहा, कुछ अंतरराष्ट्रीय संगठनों पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि ईरान पर प्रतिबंध लगाए जाते हैं और उसके परमाणु ठिकानों पर कड़ी निगरानी रखी जाती है, जबकि कुछ अन्य देशों को ऐसी किसी जांच या दबाव का सामना नहीं करना पड़ता. साथ ही उन्होंने याद दिलाया कि पिछले साल जून में इजराइल और अमेरिका ने ईरान की परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाया था.

साथ ही इलाही ने कहा कि ईरान पर कई प्रतिबंध लगाए गए हैं. प्रतिबंध की वजह से ईरान को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और कुछ लोग इससे नाराज हैं, लेकिन मौजूदा हालात नियंत्रण में हैं और सोशल मीडिया पर दिखाई जा रही तस्वीर से अलग हैं.

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