मक्खन और रिफाइंड ऑयल का कॉम्बिनेशन है ‘स्लो पॉइजन’? एक्सपर्ट से जानें सेहत पर होने वाले खतरनाक असर।

भारतीय रसोई में मक्खन और रिफाइंड ऑयल दोनों का इस्तेमाल अलग-अलग कारणों से किया जाता है. मक्खन जहां स्वाद और खुशबू के लिए जाना जाता है, वहीं रिफाइंड ऑयल को लोग हल्का और हेल्दी मानकर डेली लाइफ के लिए यूज करते हैं. कई घरों में सब्ज़ी, दाल या तड़के के लिए कभी मक्खन और कभी रिफाइंड ऑयल, बल्कि कई बार दोनों को एक साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है. इससे स्वाद तो बढ़ जाता है, लेकिन क्या यह कॉम्बिनेशन सेहत के लिए सही है? यही सवाल आजकल लोगों के मन में उठ रहा है.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक मक्खन और रिफाइंड ऑयल की प्रकृति एक-दूसरे से बिल्कुल अलग होती है. मक्खन में सैचुरेटेड फैट की मात्रा ज्यादा होती है, जबकि रिफाइंड ऑयल प्रोसेसिंग के दौरान अपने कई प्राकृतिक पोषक तत्व खो चुका होता है. ऐसे में चलिए जानते हैं कि, दोनों का मिलाकर इस्तेमाल करना कितना खतरनाक है?
मक्खन और रिफाइंड ऑयल का एक साथ इस्तेमाल
अमूमन घरों में लोग खाना बनाने के लिए मक्खन और रिफाइंड ऑयल को मिक्स करके यूज करते हैं. लेकिन क्या जानते हैं कि ये कॉम्बिनेशन सेहत के लिए अच्छा नहीं होता है. क्योंकि दोनों का नेचर अलग-अलग होता है और पोषक तत्व भी. एक्सपर्ट ने इस तरह मक्खन और रिफाइंड खाने के कुछ नुकसान बताएं हैं.
क्या कहती हैं एक्सपर्ट?
दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल की डॉक्टर दीपिका सिंह सीनियर कंसलटेंट गायनोकॉलोजिस्ट और फर्टिलिटी एक्सपर्ट बताती हैं कि, वैसे तो मक्खन और रिफाइंड ऑयल को एक साथ इस्तेमाल किया जा सकता है. लेकिन अगर रोजाना आप इसे इस तरह खाएंगे तो ये सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है. दरअसल, जब आप तेज आंच पर मक्खन डालते हैं तो वो जलकर एक हानिकारक तत्व बन जाता है. जो हार्ट और हार्मोल हेल्थ के लिए अच्छा नहीं होता है. इसका सबसे ज्यादा महिलाओं की हेल्थ पर पड़ता है. महिलाओं में हार्मोनल इंबैलेंस, PCOD, PCOS जैसी समस्याएं होने लगती है. इसके अलावा इससे वजन भी बढ़ सकता है. ऐसे में कोशिश करें कि मक्खन को बिना गर्म किए इस्तेमाल करें और रिफाइंड ऑयल के साथ इसे मिक्स करने से बचें.
घी को बताया मक्खन से बेहतर
डॉ. दीपिका सिंह के मुताबिक, अगर आपको रिफाइंड ऑयल के साथ कुछ एड करना हो तो घी का इस्तेमाल कर सकते हैं. ये मक्खन की तुलना में ज्यादा बेहतर होता है. क्योंकि मक्खन और रिफाइंड ऑयल का बार-बार कॉम्बिनेशन पाचन तंत्र पर दबाव डाल सकता है, जिससे गैस, एसिडिटी, भारीपन जैसी समस्याएं होती हैं. साथ ही कोलेस्ट्रॉल लेवल भी बढ़ सकता है.
एक ही तेल का बार-बार यूज करना भी गलत
एक ही तेल का बार-बार इस्तेमाल करना भी सेहत के लिए सही नहीं माना जाता. जब तेल को बार-बार गर्म किया जाता है, खासकर तलने के दौरान, तो उसकी रासायनिक संरचना बदलने लगती है. इससे उसमें ट्रांस फैट और फ्री रेडिकल्स जैसे हानिकारक तत्व बन सकते हैं, जो शरीर में सूजन बढ़ाने और कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने का काम करते हैं. ऐसे तेल का सेवन लंबे समय तक करने से पाचन संबंधी समस्याएं, कोलेस्ट्रॉल का असंतुलन और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, एक बार इस्तेमाल किए गए तेल को दोबारा गर्म करने से उसकी पौष्टिकता खत्म हो जाती है और वह धीरे-धीरे शरीर के लिए जहर जैसा असर करने लगता है.




