हरियाणा

पानी के सरकारी टैंकरों पर सियासी रंग, पूर्व जिला पार्षद ईश्वर मान ने उपायुक्त से की शिकायत

सरकारी ग्रांट से खरीदी गई वस्तुओं पर किसी खास राजनीतिक पार्टी के रंगों का इस्तेमाल करना कानूनन गलत : मान

भिवानी, (ब्यूरो): जिला में सरकारी फंड से बांटे जा रहे पानी के टैंकरों और ट्रॉलियों के रंग को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व जिला पार्षद ईश्वर सिंह मान ने प्रशासन पर इन सरकारी संसाधनों को एक विशेष राजनीतिक दल (भाजपा) के रंग में रंगने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस संबंध में उपायुक्त को समाधान शिविर के माध्यम से एक मांग पत्र सौंपा है। शिकायतकर्ता ईश्वर सिंह मान का दावा है कि विभाग के कार्यालय के पीछे सैकड़ों की संख्या में ऐसे टैंकर और ट्रॉलियां खड़ी हैं, जिन्हें भगवा और हरे रंग (जो भाजपा के झंडे के रंग हैं) से रंगा गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा संचालित ‘माइनिंग ग्रांट’ के तहत भिवानी जिले के तोशाम, कैरू और बवानीखेड़ा जैसे खंडों की ग्राम पंचायतों के लिए पानी के टैंकर, ट्रॉलियां और ट्रैक्टर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ये संसाधन एक्सईन पंचायती राज विभाग द्वारा वितरित किए जाने हैं। मान ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि सरकारी ग्रांट से खरीदी गई वस्तुओं पर किसी खास राजनीतिक पार्टी के रंगों का इस्तेमाल करना कानूनन गलत है। उन्होंने तर्क दिया कि यह सार्वजनिक संपत्ति का राजनीतिकरण है। इससे आम जनता के बीच गलत संदेश जाता है और विपक्षी दलों या आम जनता को इस पर आपत्ति करने का ठोस आधार मिलता है। उन्होंने कहा कि सरकारी संसाधनों को निष्पक्ष दिखना चाहिए ताकि प्रशासन की छवि धूमिल न हो। ईश्वर मान ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ग्राम पंचायतों को दिए जाने वाले सभी संसाधनों पर एक ही तटस्थ हरा रंग किया जाए। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यह कोई मामूली विवाद नहीं है। यदि इस पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार बढ़ सकता है। उन्होंने शासन और प्रशासन से अपील की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और राजनीतिक रंगों की जगह एक मानक सरकारी रंग का चयन करें ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

 

 

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