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महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल: फडणवीस के सबसे करीबी संदीप जोशी का राजनीति से संन्यास का ऐलान, वजह जानकर चौंक जाएंगे

बीजेपी के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) संदीप जोशी ने सोमवार (19 जनवरी) को सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने की ऐलान किया. अपने इस फैसले के पीछे उनका कहना है कु वो युवा पीढ़ी को मौका देना चाहते हैं, उनके लिए रास्ता बनाने के लिए वो राजनीति छोड़ रहे हैं ताकि युवाओं को अवसर मिल सके.

बीजेपी नेता संदीप जोशी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के करीबी माने जाते हैं. उन्होंने अपने इस फैसले के बारे में सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी. 55 साल के संदीप ने सोशल मीडिया पर शुभचिंतकों के लिए एक पत्र लिखा. उन्होंने इसके पीछे बदलती राजनीतिक संस्कृति, बढ़ते दल-बदल और संगठन में युवा नेतृत्व के लिए स्थान बनाने की आवश्यकता को प्रमुख कारण बताया.

संदीप जोशी ने कही ये बात

उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा ‘राजनीति उनके लिए हमेशा पद या प्रतिष्ठा से बढ़कर रही है और यह निस्वार्थ सेवा एवं समर्पण का मार्ग रही है. हालांकि, सत्ता के लिए हो रहे दलबदल, अवसरवाद और बढ़ती प्रतिस्पर्धा आज न केवल आम मतदाताओं बल्कि समर्पित कार्यकर्ताओं को भी असहज कर रही है. सीमित सीटों और बढ़ती अपेक्षाओं के बीच कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं है-यह आज की कठोर सच्चाई है’.

‘मैं खुद को साधारण बीजेपी कार्यकर्ता मानता हूं’

जोशी ने लिखा ‘आज भी मैं स्वयं को एक साधारण बीजेपी कार्यकर्ता मानता हूं, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यह विचार दृढ़ हुआ है कि मुझे ही पीछे हटना चाहिए और यही निर्णय मैं इस पत्र के माध्यम से घोषित कर रहा हूं’. जोशी नागपुर नगर निगम में पार्षद और महापौर के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं.

‘राजनीति में युवाओं को मौका देना जरूरी’

उन्होंने कहा कि राजनीति में युवाओं को मौका देना जरूरी है और गहन आत्ममंथन के बाद वो अपनी राजनीतिक यात्रा पर पूर्ण विराम लगा रहे हैं. पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए उन्होंने कहा, ‘मुझे पार्टी ने बहुत कुछ दिया है. इसलिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से क्षमा याचना करते हुए आज यह निर्णय घोषित कर रहा हूं’.

एमएलसी कार्यकाल 13 मई 2026 को होगा खत्स

संदीप जोशी ने साफ किया कि उनका एमएलसी कार्यकाल 13 मई 2026 को समाप्त होगा और वो इसे पार्टी द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी मानकर पूरा करेंगे. उन्होंने कहा कि इसके बाद वो पार्टी से टिकट की मांग नहीं करेंगे और अगर प्रस्ताव मिला भी तो विनम्रतापूर्वक अस्वीकार करेंगे. उनका कहना है कि यह अवसर किसी साधारण युवा कार्यकर्ता या पार्टी द्वारा तय व्यक्ति को मिलना चाहिए.

13 मई के बाद सक्रिय राजनीति से लेंगे संन्यास

उन्होंने आगे कहा ’13 मई के बाद मैं सक्रिय राजनीति से पूरी तरह से संन्यास ले लूंगा. यह निर्णय किसी क्षणिक भावना का परिणाम नहीं, बल्कि गहन विचार-विमर्श के बाद लिया गया है. आगे मैं एक साधारण सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में आम जनता की सेवा करता रहूंगा’.

पार्टी का जताया आभार

जोशी ने यह भी स्वीकार किया कि उनके व्यक्तित्व निर्माण में परिवार के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अहम भूमिका रही है. उन्होंने बीजेपी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी ने उन्हें अपने राजनीतिक जीवन में अनेक अवसर दिए. उन्होंने कहा ‘यदि मैं राजनीति में बना रहूं तो अवसर निश्चित रूप से मिलेंगे. मुझे गर्व है कि बीजेपी में एक साधारण कार्यकर्ता भी देश का प्रधानमंत्री बन सकता है. लेकिन मेरा सच्चा विश्वास है कि मेरी उपस्थिति किसी साधारण कार्यकर्ता के साथ अन्याय का कारण नहीं बननी चाहिए. और मेरी अनुपस्थिति से किसी का रास्ता नहीं रुकेगा-यही अंतिम सत्य है’.

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