उत्तर प्रदेश

‘सुंदर बहू’ के विज्ञापन से 10 साल में करोड़ों की ठगी, बागपत में अंतरराज्यीय गिरोह के 2 शातिर ठग गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बागपत में साइबर ठगी के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ है. यहां सुंदर वधू की आवश्यकता जैसे आकर्षक विज्ञापनों के जरिए लोगों को शादी का सपना दिखाकर करोड़ों रुपये की ठगी की जा रही थी. पुलिस टीम ने इस संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो अंतर्राज्यीय शातिर ठगों नावेद और भूरा को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी पिछले सात से आठ वर्षों से लगातार इस तरह की ठगी को अंजाम दे रहे थे.

बागपत के एएसपी प्रवीण चौहान ने बताया कि यह कार्रवाई बड़ौत कस्बे के एक पीड़ित व्यक्ति की शिकायत के आधार पर की गई, जिसे सुंदर पत्नी दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाया गया था. शिकायत दर्ज होते ही पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की.

विज्ञापन प्रकाशित कराते थे

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी समाचार पत्रों और अन्य माध्यमों में सुशील परिवार के लिए सुंदर वधू की आवश्यकता जैसे विज्ञापन प्रकाशित कराते थे. इन विज्ञापनों पर संपर्क करने वाले लोगों से पहले लंबी बातचीत की जाती थी, ताकि उनका भरोसा जीता जा सके. इसके बाद विवाह की सहमति बनाकर मिलने की तारीख तय कर दी जाती थी. तय दिन के ठीक पहले आरोपी किसी एक्सीडेंट, बीमारी या पारिवारिक आपात स्थिति का बहाना बनाकर पीड़ित से तत्काल 20 से 25 हजार रुपये या उससे अधिक रकम बैंक खाते में ट्रांसफर करने को कहते थे. वे यह भरोसा दिलाते थे कि शाम तक पैसे वापस घर भिजवा दिए जाएंगे. विश्वास में आकर पीड़ित पैसा भेज देता था और इसके बाद आरोपियों का मोबाइल बंद हो जाता था.

एएसपी प्रवीण चौहान ने बताया कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि आरोपियों ने इसी तरीके से बीते दस वर्षों में एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है. मुख्य आरोपी नावेद के खिलाफ देश के अलग-अलग जिलों और राज्यों में 16 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जबकि कई शिकायतें अभी जांच के स्तर पर लंबित हैं. पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी हरिद्वार में दर्ज मामलों में सजा काटकर बाहर आ चुके हैं और इसके बाद दोबारा ठगी के धंधे में सक्रिय हो गए थे.

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 8 मोबाइल फोन, एक टैबलेट, एक लैपटॉप, फर्जी आधार कार्ड, डेबिट कार्ड, पैन कार्ड और दो बैंक खातों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं. आरोपी फर्जी पहचान पत्रों और फेक सिम कार्ड का इस्तेमाल कर अलग-अलग शहरों के होटलों में रुकते थे, जिससे उनकी पहचान छिपी रहे और पुलिस तक आसानी से न पहुंचा जा सके.

क्या बोले अधिकारी?

एएसपी प्रवीण चौहान ने आम नागरिकों से अपील की कि शादी, नौकरी या किसी भी प्रकार के लालच भरे ऑनलाइन विज्ञापनों और प्रस्तावों पर आंख मूंदकर विश्वास न करें. किसी भी तरह का भुगतान करने से पहले पूरी जानकारी और सत्यापन जरूरी है. साइबर अपराध तेजी से नए-नए तरीकों से फैल रहे हैं, ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है.

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