हरियाणा

गरीबों की झोली खाली! महीने के 15 दिन में ही राशन दुकानों का स्टॉक खत्म, खाली हाथ लौट रहे कार्ड धारक

भिवानी। सरकारी राशन डिपो में गेहूं, चीनी और तेल का स्टॉक जनवरी माह के पहले पखवाड़े में ही खत्म हो गया है जिससे जिले के 30 फीसदी गरीब परिवारों की झोली अभी खाली है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश डिपो में यह स्थिति सामने आई है जहां गरीबों का राशन उनके नाम होने के बावजूद नहीं मिल पा रहा है। संवाद न्यूज एजेंसी की ग्राउंड रिपोर्ट में यह भी पता चला कि अधिकारियों की मिलीभगत और वितरण में गड़बड़ी के कारण कई बीपीएल परिवारों को राशन तक नहीं मिल पाया।

भिवानी जिले में कुल 2,45,038 बीपीएल परिवार हैं जिनके 7,63,866 सदस्यों के नाम से हर माह गेहूं, सरसों तेल और चीनी का राशन उपलब्ध कराया जाता है। जिले में 457 सरकारी राशन डिपो हैं जिन पर बीपीएल परिवारों के नाम से राशन अलॉट किया गया है। इसके अलावा जिले में 13,628 अंत्योदय परिवार हैं जिन्हें हर माह 35 किलो गेहूं, दो लीटर सरसों तेल और एक किलो चीनी मिलती है। स्टेट बीपीएल श्रेणी में 1, 90,900 परिवारों को हर सदस्य के लिए पांच किलो गेहूं उपलब्ध कराया जाता है।

हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार जनवरी माह का राशन दिसंबर के अंतिम सप्ताह में ही डिपो पर पहुंच चुका था लेकिन अब तक करीब 30 फीसदी गरीब परिवारों को राशन नहीं मिल पाया है। विभाग का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र के लोग शहरी डिपो से राशन ले गए हैं जिससे स्टॉक खत्म होने की समस्या बनी। जिन डिपो में अतिरिक्त राशन है उसे विभाग की अनुमति से अन्य डिपो में स्थानांतरित किया जाएगा ताकि सभी पात्र परिवारों तक राशन पहुंच सके।

मैं राशन लेने के लिए शहर के तीन से चार डिपो पर चक्कर लगा चुका हूं। हर जगह स्टॉक खत्म होने का हवाला देकर अगले डिपो पर भेजा जा रहा है। जबकि मेरे परिवार को हर माह 35 किलो गेहूं और चीनी व सरसों तेल मिलता है। आधा माह भी नहीं बीता कि सरकारी राशन का स्टॉक खत्म दिखाकर गरीबों का हक हड़पा जा रहा है।

मुझे एक से दूसरे डिपो पर राशन के लिए चक्कर लगाते तीन दिन हो चुके हैं। हर जगह से मुझे निराश होकर वापस भेजा जा रहा है। पहले डिपो पर पूरे माह राशन मिलता था मगर अब महीना शुरू होने के सप्ताह भर बाद ही स्टॉक खत्म होने का हवाला देकर डिपो संचालक अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। गरीबों का राशन आखिर कहां जा रहा है इसकी जांच करने वाला भी कोई नहीं है।

राशन डिपो पर मैं शुक्रवार को राशन लेने गई थी। मुझे बताया गया कि स्टॉक खत्म हो चुका है। अब अगले महीने ही राशन मिलेगा। जबकि अगले महीने डिपो पर फरवरी का ही राशन मिलेगा, जबकि जनवरी का राशन हड़प लिया गया है। मेरी सरकार से गुजारिश है कि गरीबों के नाम पर राशन डकारने वालों को पकड़कर सजा दी जाए।

डिपो पर चुनिंदा खाद्य वस्तुएं ही गरीबों को मिल रही हैं लेकिन इस पर भी अधिकारियों की मिलीभगत और धांधली भारी पड़ रही है। शहर और गांव के डिपो में हर जगह राशन के लिए जा चुके हैं मगर कहीं राशन नहीं बताया जा रहा है। सभी डिपो पर राशन खत्म हो गया कहकर वापस लौटा रहे हैं।

जनवरी माह का आवंटित राशन दिसंबर में ही सभी डिपो पर भेजा जा चुका है। अब फरवरी माह का राशन डिपो पर भिजवाया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों द्वारा शहरी डिपो से राशन ले लिया गया है जिससे दिक्कत बनी है। जिन डिपो में अतिरिक्त राशन है, उसे विभाग की अनुमति से अन्य डिपो में स्थानांतरित किया जाएगा ताकि सभी पात्र परिवारों को राशन का वितरण सुनिश्चित किया जा सके।

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