भिवानी। जिले में बुधवार का दिन इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा जब न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगातार पारा गिरने से क्षेत्र में ठिठुरन भरी ठंड तेजी से बढ़ी। सुबह की शुरूआत घने कोहरे के साथ हुई जो दोपहर 11 बजे तक बना रहा।
इसके कारण भिवानी-हांसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर दृश्यता सात मीटर से भी कम रही और वाहनों की गति धीमी रही। वाहन चालक हाईवे पर लगे सांकेतिक बोर्ड के सहारे ही सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंचे। दोपहर में हल्की धूप दिखाई दी लेकिन 9 किलोमीटर प्रति घंटे की ठंडी हवाओं के सामने धूप बेअसर रही।
जिले के लोहारू, तोशाम, बहल और सिवानी क्षेत्र राजस्थान सीमा से सटे होने के कारण यहां पर बाकी क्षेत्रों के मुकाबले अधिक ठंड का सामना करना पड़ा। लोग ठंड से बचाव के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं जबकि बेजुबान जानवर और पक्षी भी ठंड के चपेट में आ रहे है। इस समय पक्षियों की मौत के मामले बढ़ गए हैं। जिले भर के ग्रामीण क्षेत्रों में दोपहर तक धुंध छंटी और हल्की धूप खिली मगर शीतलहर के कारण ठिठुरन बरकरार रही।
19 जनवरी से बारिश की संभावना
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार 16 जनवरी को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है। इसके चलते 17 और 18 जनवरी को आंशिक बादलवाई और कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी हो सकती है। 19 जनवरी की रात्रि से राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मजबूत विक्षोभ के कारण बारिश होने की संभावना है।
खेतों और सड़क किनारे झाड़ियों में भी पाला जमना शुरू
न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री तक गिरने के कारण खेतों और सड़क किनारे झाड़ियों पर पाला जमने लगा है। गेहूं की फसल के लिए पाला फायदेमंद है जबकि सरसों की फसल में पाले से फूल और फली नष्ट हो सकती हैं जिससे किसान को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
मकर संक्रांति के बावजूद ठिठुरन से ठंडा रहा बाजार में कारोबार
मकर संक्रांति का दिन सबसे ठिठुरन भरा रहा। जिसका असर सीधा शहर के बाजार के व्यापार पर भी पड़ा। ठिठुरन में बाजार का कारोबार भी ठंडा रहा। ग्रामीण क्षेत्र से बहुत कम लोग ही बाजारों में पहुंचे। जबकि शहर की सड़कों पर भी आवाजाही कम ही रही। धूप निकलने के बाद भी दुकानदार दुकानों के बाहर अलाव सेक खुद को ठंड से बचाते दिखे जबकि शहर की कुछ मार्केट में तो मकर संक्रांति पर लोगों ने खाने-पीने की चीजों की स्टॉलें लगाकर राहगीरों को खिलाकर पुण्य भी कमाया।
तापमान 1.2 डिग्री के आसपास रहने से फसलों में नुकसान की संभावना बढ़ सकती है। ऐसे में किसान कृषि विशेषज्ञों की सलाह से हल्की सिंचाई करें और शाम के समय पाले से बचाव के प्रबंध कर सकते हैं। मौसम में बादलवाई के साथ हल्की बूंदाबांदी की संभावना भी बनी हुई है।