हरियाणा

अपराध मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए हरियाणा सरकार ने उठाया अहम कदम

चंडीगढ़:  आपराधिक मामलों के जल्द निपटारे की दिशा में हरियाणा सरकार ने दलील (प्ली बार्गेनिंग) व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने का फैसला किया है। कानून के तहत आरोप तय होने की तारीख से 30 दिन के अंदर आरोपी प्ली बार्गेनिंग के लिए आवेदन कर सकता है। इससे वर्षों तक चलने वाले मुकदमों का समय रहते समाधान संभव हो सकेगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि प्ली बार्गेनिंग एक न्याय हितैषी कानूनी व्यवस्था है जिसका उद्देश्य ऐसे आपराधिक मामलों का जल्दी निपटारा करना है जिनमें अधिकतम सजा सात वर्ष या उससे कम है।

इस प्रक्रिया में अदालत की निगरानी में अभियोजन पक्ष और आरोपी आपसी सहमति से समाधान पर पहुंचते हैं और इसके बाद अदालत कानून के अनुसार फैसला सुनाती है। डॉ. मिश्रा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अध्याय-23 में शामिल इन प्रावधानों को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए हरियाणा पुलिस और अभियोजन विभाग को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

वहीं गृह विभाग ने सभी जिलों में   जांच अधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और अभियोजन कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण और क्षमता-विकास कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्ली बार्गेनिंग के कानूनी प्रावधानों, प्रक्रिया और नैतिक मानकों की जानकारी दी जाएगी, ताकि इसका सही, एकरूप और कानूनसम्मत उपयोग सुनिश्चित हो सके।

डॉ. सुमिता मिश्रा ने पुलिस और अभियोजन एजेंसियों के बीच निरंतर समन्वय पर भी जोर दिया। इसके लिए समय-समय पर समीक्षा बैठकें की जाएंगी, ताकि प्रगति की निगरानी हो और सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान किया जा सके।

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