हरियाणा
मेड इन बहल का जलवा, इजिप्ट की इंटरनेशनल एग्ज़िबिशन में जंबो बैग की तारीफ

बहल। शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में पहचान बनाने के बाद अब उद्योग जगत में भी बहल कस्बे का नाम विश्व पटल पर चमक बिखेर रहा है। बहल में पले-बढ़े उद्यमी विकास चौधरी और उनके भतीजे नंदलाल अग्रवाल द्वारा निर्मित जंबो बैग को अफ्रीकी देश इजिप्ट के कैरो शहर में आयोजित विश्वस्तरीय व्यापारिक प्रदर्शनी में खूब सराहना मिली है। इजिप्ट में भारत के राजदूत सुरेश रेड्डी ने स्वयं विकास चौधरी के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए भारतीय उद्यमियों को इजिप्ट में व्यापार बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने भारतीय उत्पादों की निर्माण इकाइयां स्थापित करने और व्यापारिक संभावनाएं तलाशने का आग्रह भी किया।
इजिप्ट के कैरो शहर स्थित इजिप्ट इंटरनेशनल एग्जीबिशन सेंटर में 9 से 12 जनवरी तक प्लास्टेक्स के नाम से प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। बहल निवासी तथा वर्तमान में चंदौली के उद्यमी विकास चौधरी और उनके भतीजे नंदलाल अग्रवाल इस प्रदर्शनी में अपनी कंपनी द्वारा निर्मित जंबो बैग की स्टॉल लगाए हुए हैं। उनके उत्पादों की दर्शकों द्वारा खूब सराहना की जा रही है। इजिप्ट में भारत के राजदूत सुरेश रेड्डी ने भी उनकी स्टॉल का दौरा कर जंबो बैग की खूबियों की जानकारी ली और इसे बेहतरीन उत्पाद बताया।
बहल मूल के चंदौली में उद्यमी हैं विकास चौधरी
कस्बे के स्व. शिवकुमार चौधरी के पुत्र उद्यमी विष्णुकांत चौधरी, विक्रम चौधरी और विकास चौधरी चंदौली में उद्योग स्थापित किए हुए हैं। वे लंबे समय से सीमेंट निर्माण और होटल व्यवसाय से जुड़े हैं। पीएम मोदी की प्रेरणा से स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच देने के उद्देश्य से वे अपने निर्मित जंबो बैग का निर्यात विदेशों तक कर रहे हैं। भारत में निर्मित जंबो बैग दुनिया के 25 से अधिक देशों में भेजे जा रहे हैं। सीए नंदलाल अग्रवाल ने बताया कि भविष्य में जंबो बैग को 100 से अधिक देशों में पहुंचाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। जनपद चंदौली में बैग का निर्माण किया जा रहा है जहां गुणवत्ता बनाए रखने के साथ-साथ परिवहन संबंधी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है। माल भेजने के लिए गुजरात और महाराष्ट्र के पोर्ट तक पहुंचाना बड़ी चुनौती है फिर भी वे भारतीय उत्पाद को विश्वस्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रयासरत हैं।
500 से 2000 किलो क्षमता का है जंबो बैग
जंबो बैग का सबसे बड़ा निर्यातक चीन है लेकिन हाल के वर्षों में भारत के महाराष्ट्र, गुजरात और चंदौली से भी बड़े स्तर पर इसका निर्यात बढ़ा है। जंबो बैग एफआईबीसी (फ्लेक्सिबल इंटरमीडिएट बल्क कंटेनर) है जिसे बल्क बैग भी कहा जाता है। इसकी क्षमता 500 से 2000 किलो तक होती है। यह सूखे और प्रवाहशील पदार्थ जैसे पाउडर, ग्रैन्युल्स, अनाज, बीज, सीमेंट, केमिकल, मिनरल्स और फर्टिलाइजर के भंडारण व परिवहन में उपयोग किया जाता है। चौधरी परिवार की इस उपलब्धि पर चेयरमैन रवि महमिया, पूर्व सरपंच गजानंद अग्रवाल और पूर्व चेयरमैन सुशील केडिया ने खुशी प्रकट की है।




