हरियाणा

ठंड में जानवरों का ख्याल: सोनू-डुक्कू की डाइट में मूंगफली-गुड़, बब्बर शेर को हीटर की गर्माहट

भिवानी। अत्यधिक ठंड के बीच लघु चिड़ियाघर में हिमालयी भालुओं की खुराक में बदलाव किया गया है। सर्दी के मौसम में हिमालयी भालू जोड़े नर भालू सोनू और मादा भालू डुक्कू को ऊर्जा बढ़ाने के लिए मूंगफली और गुड़ खिलाया जा रहा है जबकि फल और दूध सामान्य रूप से जारी हैं। इसी तरह बब्बर शेर के बाड़े में ठंड से बचाव के लिए तीन हीटर लगाए गए हैं वहीं वन्य प्राणी-पक्षियों के बाड़ों पर सरकंडा व चीक का जाल लगाया गया है और परिसर में पराली बिछाई गई है।

हालांकि उनको खुराक सामान्य ही दी जा रही है। शनिवार सुबह धुंध छाई रही लेकिन दोपहर में धूप खिलने के बाद लघु चिड़ियाघर में वन्यजीव खुले बाड़ों में धूप सेकते दिखाई दिए जिसे देखने के लिए दर्शकों में उत्सुकता बनी रही। जिले में पिछले एक सप्ताह से शीतलहर का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। अधिकतम तापमान 14 डिग्री और न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री तक पहुंच गया है। रविवार सुबह 10 बजे तक ग्रामीण व राष्ट्रीय राजमार्गों पर कोहरा छाया रहा। दोपहर लगभग 12 बजे मौसम साफ हुआ और धूप निकलने से लोगों को राहत मिली। धूप खिलते ही शहर के लघु चिड़ियाघर और पार्कों में रौनक लौट आई। चिड़ियाघर में जानवर धूप का आनंद लेते दिखे और दर्शकों ने भी इस माहौल का लुत्फ उठाया। सबसे अधिक भीड़ शेर के बाड़े के बाहर रही, जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्ग महिलाएं तक शामिल रहीं। चिड़ियाघर में मगरमच्छ भी पानी से बाहर आकर धूप सेकते दिखाई दिए। इसके अलावा भालू अपने बाड़े में विचरण करते रहे और हिरण दिनभर उछल-कूद करते रहे।

शीतकालीन अवकाश में बच्चे परिवार के साथ पहुंच रहे चिड़ियाघर

भ्रमण के लिए पहुंचे अनिल कुमार और लक्ष्मीनारायण ने बताया कि स्कूलों में अवकाश चल रहा है। शनिवार दोपहर मौसम साफ हुआ और धूप निकली तो वे बच्चों को लेकर चिड़ियाघर घूमने आए। कई सालों से यहां आ रहे हैं और अब पहले से काफी सुधार दिखाई दे रहा है। पहले यहां खालीपन रहता था, लेकिन पिछले तीन–चार वर्षों में कई जानवर आए हैं। फिलहाल शेर के पिंजरे में सिंघम और शेरा को छोड़ा गया है इसलिए अनुभव काफी अच्छा रहा।

प्रतिदिन 500 से 600 दर्शक पहुंच रहे लघु चिड़ियाघर

लघु चिड़ियाघर में प्रतिदिन औसतन 500 से 600 दर्शक पहुंच रहे हैं। इस समय स्कूलों में अवकाश चल रहा है इसलिए बच्चों और अभिभावकों की भीड़ बढ़ी है। चिड़ियाघर की ओर से बच्चों के लिए 20 रुपये और व्यस्कों के लिए 30 रुपये का टिकट निर्धारित है। यहां पहुंचने वाले दर्शक शेर, भालू, दरियाई घोड़ा, मगरमच्छ, हिरण और उल्लू को नजदीक से देख कर लुत्फ उठा रहे हैं।

चिड़ियाघर में आज घूमने के लिए अपने परिवार के साथ आई हूं। इससे पहले भी कई बार आ चुकी हूं। यहां आकर आज शेर, मगरमच्छ, दरियाई घोड़ा देखा। काफी अच्छा अनुभव रहा। जो जानवर अभी तक फिल्म और फोटो में देखते थे उन्हें अपनी आंखों के सामने देखने का अनुभव अलग ही होता है। इसलिए सभी अभिभावकों को अपने बच्चों के साथ यहां जरूर आना चाहिए।

चिड़ियाघर में शेर, हिरण और भालू को देखा। मैंने दूसरी बार शेर को देखा है। इससे पहले चंडीगढ़ में देख चुकी हूं। भिवानी में भी पास से शेर को देखकर अच्छा लगा।

मैंने चिड़ियाघर में आकर सबसे पहले शेर को देखा। वह अपने बाड़े में दौड़कर तेज आवाज लगा रहा था। इसके बाद भालू को देखा, वह भी अपने पिंजरे में मस्ती करते हुए घूम रहा था। यहां आकर मुझे काफी अच्छा लगा।

आज मौसम साफ रहा। धूप निकलने के बाद परिवार के साथ चिड़ियाघर घूमने आए। यहां आकर शेर को नजदीक से आवाज करते और दौड़ते हुए देखा। मगरमच्छ भी पानी से बाहर निकले हुए थे। देखकर अच्छा लगा।

बब्बर शेर के बाड़े में तीन हीटरों का प्रबंध किया गया है जबकि बाघ के बाड़े में एक हीटर लगाया गया है। इसी तरह भालू की खुराक में ठंड के हिसाब से ऊर्जा बढ़ाने वाली चीजें दी जा रही हैं जबकि वन्य प्राणी-पक्षियों के लिए सामान्य खुराक ही है। सभी बाड़ों में ठंड से बचाव के लिए विशेष प्रबंध किए जा चुके हैं।

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